क्या कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले हैं अमरमणि और अमनमणि? कयासबाजी के पीछे ये है वजह

पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी सपा-बसपा के बाद अब कांग्रेस के साथ राजनीति में वापसी कर सकते हैं. गोरखपुर एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं संग उनकी मौजूदगी ने सियासी अटकलों को तेज कर दिया है. मधुमिता हत्याकांड के बाद जेल से रिहा हुए अमरमणि ने महाराजगंज की फरेंदा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, जबकि बेटे अमनमणि नौतनवां से उतरेंगे. उनकी कांग्रेस में संभावित एंट्री से यूपी की राजनीति गरमा गई है.

सुप्रिया श्रीनेत से मिलने पहुंचे अमरमणि त्रिपाठी

पूर्वांचल के टॉप बाहुबलियों में से एक पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की राजनीति को लेकर राजनीति गरम है. मधुमिता हत्याकांड में उम्रकैद की सजा मिलने और अच्छे व्यवहार की वजह से समय से पहले रिहा हुए अमरमणि ने पहले ही चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. उनके इस ऐलान के बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि वह कहां से और कैसे चुनाव लड़ेंगे. इसी के साथ सवाल यह भी है कि सपा और बसपा के बाद उनका अगला ठिकाना कौन सा राजनीतिक दल होगा.

इन कयासबाजियों के बीच अमरमणि त्रिपाठी गोरखपुर एयरपोर्ट पर कांग्रेस पार्टी के नेताओं के संग नजर आए हैं. वह यहां पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के स्वागत के लिए पहुंचे थे. उनकी इस मौजूदगी ने हर किसी को चौंका दिया है. अब कयास लगाए जा रहे हैं कि शायद अमरमणि अब कांग्रेस के टिकट पर मैदान में नजर आएं. हालांकि अभी तक उनकी ओर से इस संबंध में कुछ नहीं कहा गया है. इसलिए सियासी चर्चाएं और जोर पकड़ने लगी हैं.

इस सीट से चुनाव लड़ने का किया ऐलान

अमरमणि त्रिपाठी पिछले दिनों महाराजगंज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जिले की फरेंदा सीट से खुद चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. वहीं नौतनवां सीट से बेटे अमनमणि त्रिपाठी को उतारने की बात कही थी. इन दोनों विधानसभा सीटों से ये दोनों पहले भी जीतते रहे हैं. एक बार तो उन्‍होंने जेल में रहते हुए भी बेटे अमनमणि को नौतनवां विधानसभा सीट से चुनाव जिताया था.

इसलिए गरमाया राजनीतिक माहौल

बीते मंगलवार को कांग्रेस के महासचिव अभिषेक दत्त और प्रवक्ता सुप्रिया सिंह श्रीनेत गोरखपुर पहुंचे थे. उन्हें रिसीव करने के लिए गोरखपुर एयरपोर्ट के बाहर कांग्रेस के तमाम नेता पहुंचे थे. इन्हीं नेताओं के बीच अमरमणि त्रिपाठी भी नजर आए. उन्हें अपने बीच देखकर खुद कांग्रेसियों को भी भरोसा नहीं हो रहा था. हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि गोरखपुर में टिकट बंटवारे को लेकर हुई पार्टी की बैठक में वह शामिल हुए कि नहीं.

तीन साल पहले जेल से छूटे अमरमणि त्रिपाठी

मधुमिता शुक्ला हत्‍याकांड में अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि को आजीवन कारावास की सजा हुई थी. लंबे समय तक दोनों जेल में रहे. इस दौरान उनके अच्छे व्यवहार को देखते हुए सरकार ने समय से पहले रिहा कर दिया. साल 2023 में वह जिले से बाहर आ गए थे. तब से अब तक वह चुप्पी साधे रहे, लेकिन पिछले महीने ही अचानक एक कार्यक्रम में पहुंचे और एक बार फिर से सक्रिय राजनीति का ऐलान कर दिया. इसके बाद से ही सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं.

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