गए थे मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने, निकलवानी पड़ गईं आंखें; मचा हड़कंप… शुरू हुई राजनीति

गोरखपुर में मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर में बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां ऑपरेशन कराने आए 9 मरीजों को अपनी आंखें गंवानी पड़ीं हैं. जबकि अन्य कई इंफेक्शन से जूझ रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीर चूक मानते हुए बैक्टीरिया की पुष्टि की है. प्रशासन ने अस्पताल सील कर जांच बिठा दी है, वहीं विपक्षी दल इस घटना को लेकर सरकार पर हमलावर हैं.

गोरखपुर का राजेश अस्पताल Image Credit:

उत्तर प्रदेश में सीएम सिटी गोरखपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां मोतियाबिंद के ऑपरेशन कराने आए 9 मरीजों की आंखें निकाली पड़ी हैं. वहीं 9 मरीजों के आंखों की रोशनी चली गई. बताया जा रहा है कि एक मरीज के आंख की रोशनी वापस आई है. घटना की खबर बाहर आते ही हड़कंप मच गया है. एक तरफ ADM स्तर की जांच चल रही है, वहीं दूसरी ओर सपा सुप्रीमो ने इस घटना को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला है.

गोरखपुर के CMO ने स्वीकार किया है कि यह बड़ी लापरवाही है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई जांच में कल्चर रिपोर्ट में बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है. अब इस मामले की जांच खुद जिले के एडीएम कर रहे हैं. बता दें कि 1 फरवरी को सिकरीगंज में न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में कैंप का आयोजन किया गया था. इसमें 30 मरीजों के आंख में मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया. आरोप है कि ऑपरेशन के 24 घंटे के अंदर ही मरीजों की हालत बिगड़ने लगी. इनमें 18 मरीजों के आंखों में इंफेक्शन हो गया था. जिनका इलाज लखनऊ, वाराणसी और दिल्ली के सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल में चल रहा है.

एक्शन में प्रशासन

मामला तूल पकड़ते देख गोरखपुर जिला प्रशासन एक्शन में आ गया. डीएम की ओर से गठित टीम ने आनन फानन में अस्पताल के नेत्र विभाग को सील कर दिया है. इस संबंध में मरीजों और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर के बयान भी दर्ज किए गए हैं. CMO के अनुसार जल्द ही मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है. रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई होगी. स्वास्थ्य विभाग भी अपने स्तर पर जांच कर रहा है.

विपक्ष ने सरकार को घेरा

घटना की जानकारी होने पर विपक्षी दल सरकार पर हमलावर हो गए हैं. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इस घटना का ठिकड़ा सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर फोड़ा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा है कि एक तरफ गोरखपुर में लोगों की आंखों की रोशनी छिन रही है, और कोई चैन से बैठकर गाल बजा रहा है. इसी के साथ उन्होंने लिखा है कि इस बार इन्हें जनता गोरखपुर में भी हराएगी.

स्वास्थ्य मंत्री पर भी हमला

अखिलेश यादव ने इसी क्रम में प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक पर भी हमला बोला है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा है कि उन्हें समझ लेना चाहिए कि वो खुद और उनका विभाग ‘हाता नहीं भाता’ की वजह से उपेक्षित है. कहा कि अगले मंत्रिमंडल विस्तार में उनसे विभाग छीनने का आधार बनाया जा रहा है. कहा कि स्वास्थ्य-चिकित्सा विभाग में वो नेम प्लेट पर ही मंत्री हैं. कोई उनकी सुनता भी नहीं है.