होलिका दहन पर बोले CM योगी- यूपी में न तनाव, न अराजकता और न ही गुंडागर्दी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उस समय भगवान विष्णु ने भगवान नृसिंह का अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया था और धर्म की स्थापना की थी. अराजकता, गुंडागर्दी, माफियागिरी भी हिरण्यकश्यप जैसे ही हैं, ये प्यार से नही मानेंगे क्योंकि लातों के भूत बातों से नहीं मानते हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को होलिका दहन पर गोरखपुर के पाण्डेयहाता में भक्त प्रह्लाद की भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए. रथ पर भक्त प्रहलाद के चित्र की आरती उतारी. साथ ही शोभायात्रा पर पुष्पवर्षा करते हुए फूलों से होली खेली. साथ ही प्रदेश की जनता को रंग उत्सव की बधाई देते हुए होलिका दहन पर अहंकार, बुराइयों का दहन करने का आह्वान किया.
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज कोई तनाव नहीं है, कोई भय नहीं, कोई अराजकता नहीं और न ही कोई गुंडागर्दी. सबको सुरक्षा का एहसास है और सबको विश्वास है. सबके मन में एक दूसरे के प्रति सम्मान का भाव है. यही अहसास और विश्वास, रामराज्य की अवधारणा है. पीएम मोदी भी यही कहते हैं कि जब ऐसी स्थिति रहेगी तो भारत को विकसित बनने में कोई देर नहीं लगेगी.
यूपी में अब सब चंगा है, सब ओर उत्सव का माहौल
सीएम योगी ने कहा कि हमारे यहां पर्व, त्योहारों की लंबी श्रृंखला है. पर, वर्ष 2014 के पहले लोग बेहतर तरीके से उत्सव नहीं मना पाते थे. यूपी में तो पर्व, त्योहार के पहले कर्फ्यू लग जाता था. समाज में भय और तनाव रहता था. तब की सरकारें समाज को बांटती थीं और इसका परिणाम व्यापारी और नागरिक चुकाते थे. तब गुंडागर्दी, अराजकता चरम पर थी.
उन्होंने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश सुरक्षा और सुविधा देकर उत्सव प्रदेश बन चुका है. अब यूपी में न कर्फ्यू है और न दंगा है, यूपी में अब सब चंगा है. सब ओर उत्सव का माहौल है. जो लोग आरोप लगाते थे कि हम बंटे हुए हैं, वे बताएं कहां बंटे दिख रहे हैं. इस उत्सव में इतनी बड़ी संख्या में लोग आए हैं।. किसी की जाति का पता नहीं है, सभी लोग होली का आनंद ले रहे हैं.
वैर भाव दूर करें और उत्साह से त्योहार मनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अव्यवस्था से व्यवस्था, अराजकता से अनुशासन, अधर्म से धर्म और असत्य से सत्य की यात्रा होती है, तभी हम उपद्रव से उबरकर उत्सव की यात्रा का हिस्सा बनते हैं. उन्होंने होली को लेकर कहीं ऐसा कोई कृत्य नहीं होना चाहिए जिससे कोई टकराहट पैदा हो. ऐसा माहौल होना चाहिए कि सब सुरक्षित महसूस करें.
उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि किसी के ऊपर जबरन रंग न डालें. ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे दूसरे को नुकसान हो. वैर भाव दूर करें और उत्साह से त्योहार मनाएं. होली समरसता का पर्व है. यह वैर बुलाने और सामाजिक एकता का प्रतीक है. साथ ही अपील की कि अश्लील गाने न बजाएं. अश्लील गाने हमें पतन की ओर ले जाते हैं और पर्व के महत्व को कम करते हैं.
