गोरखपुर: कुत्ते को खाना खिलाने के विवाद में घायल दोनों भाइयों की मौत; परिवार ने अस्पताल पर लगाए आरोप
गोरखपुर में कुत्ते को खाना खिलाने के विवाद में दो पक्षों में झड़प हुई, जिसमें दो सगे भाई घायल हुए थे. पुलिस ने मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, वही, अब इलाज के दौरान दोनों भाइयों की मौत हो गई है. परिजनों ने निजी अस्पताल पर लापरवाही और किडनी निकालने का आरोप लगाया और जमकर बवाल कटा.
गोरखपुर में बीते 28 अप्रैल को रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के मंझरिया बड़गो गांव में कुत्ते को खाना खिलाने को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी. इस घटना में दो सगे भाई घायल हो गए थे, जिसमें गुरुवार को एक भाई की मौत हो गई और शुक्रवार की सुबह दूसरे भाई की भी मौत हो गई. इसके बाद परिजनों ने हॉस्पिटल में जमकर हंगामा किया.
जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान 45 वर्षीय अक्षय और उनके भाई 40 वर्षीय पप्पू निषाद के रुप में हुई है. परिजनों ने पहले निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही और किडनी निकालने का आरोप लगाया, हालांकि पोस्टमॉर्टम में यह गलत साबित हुआ. इसके बाद सैकड़ो की संख्या में लोगों ने शव को गोरखपुर–महाराजगंज रोड पर रखकर जाम कर दिया.
सिर में चोट लगने पर पेट का किया ऑपरेशन
बताया जा रहा है कि दोनों भाईयों की पड़ोसियों से कुत्ते को खाना खिलाने को लेकर विवाद हो गया था जो मारपीट में तब्दील हो गई, दोनों भाइयों के सिर पर गंभीर चोटें आई थी. परिवार वालों ने दोनों को जिला अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. लेकिन परिवार वाले एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कर दिया, जहां दोनों की मौत हो गई.
इसके बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन एंबुलेंस में मरीज को छोड़कर मौके से चला गया. सर में चोट होने के बावजूद पेट का ऑपरेशन किया गया. साथ ही किडनी निकालने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में देर रात तक हंगामा किया. पुलिस ने किसी तरह से मामले को शांत कराकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
पोस्टमार्टम हाउस पर भी फूटा गुस्सा, घंटों बबाल
परिवार वालों का गुस्सा शुक्रवार की शाम को पोस्टमार्टम हाउस पर भी फूट गया. सैकड़ो की संख्या में पहुंचे लोगों ने वहां भी हंगामा किया और गोरखपुर–महाराजगंज रोड को जाम कर दिया. सूचना पर मौके पर पहुंचे क्षेत्र अधिकारी और एसडीएम ने परिजनों को शांत कराया. लेकिन दोबारा 15 मिनट बाद फिर उन लोगों ने सड़क को जाम कर दिया.
इस दौरान पुलिस द्वारा वीडियो बनाने से रोकने पर लोग और भड़क गए और करीब 1 घंटे तक पोस्टमार्टम प्रक्रिया बाधित रही. बाद में अधिकारियों के समझाने पर दो डॉक्टरों के पैनल और वीडियो ग्राफी के साथ पोस्टमार्टम कराया गया. पोस्टमार्टम जांच में किडनी निकालने का आरोप गलत पाया गया. परीजन अब न्याय और मुआवजे की मांग को लेकर अड़ें हैं.
50 लाख मुआवजा, आवास के लिए जमीन की मांग
परिजनों का कहना है कि मृतक अक्ष्यवार निषाद के चार बच्चे हैं जिममें दो बेटे और दो बेटियां हैं. वहीं मृतक पप्पू निषाद की तीन छोटी बेटियों हैं. परिवार वालों की मांग है कि उन्हें 50 लाख की आर्थिक सहायता, बच्चों की निशुल्क शिक्षा, आवास के लिए 50 डिसमिल जमीन और बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहयोग दी जाएं. साथ ही आरोपी पर बुलडोजर चले.
वहीं, इस मामले में एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि मारपीट की घटना में पहले ही मुकदमा दर्ज किया जा चुका है. मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज है. दोनों भाइयों की मौत के बाद उसमें धारा बढ़ाई जा रही है. पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.
