जल्दी अमीर बनने का सपना… लोन के नाम पर फ्रॉड करने वाली बेटी संग स्टेशन मास्टर गिरफ्तार

गोरखपुर में स्टेशन मास्टर और उनकी बेटी को ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. स्टेशन मास्टर की बेटी लोगों को लोन दिलाने और माफ कराने के नाम पर ठगी का शिकार बनाती थी. उसकी डायरी में अरबपति बनने और 100 करोड़ कमाने का लक्ष्य लिखा था, पूरे खेल में पिता भी बेटी की मदद करता था.

स्टेशन मास्टर और बेटी 1.67 करोड़ ठगी में गिरफ्तार Image Credit:

गोरखपुर में करोड़पति बनने की चाह ने एक युवती को अपराध की राह पर पहुंचा दिया. रेलवे स्टेशन अधीक्षक की बेटी ने अपने पिता के साथ मिलकर लोगों को लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी कर डाली. पुलिस ने आरोपी बेटी-पिता की जोड़ी को गिरफ्तार किया. इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है.

आरोपी की पहचान एम्स थाना क्षेत्र के महादेव झारखंडी कॉलोनी निवासी ध्रुव नारायण सिंह, जो सहजनवा रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक के पद पर तैनात हैं, और उनकी बेटी गरिमा सिंह के रूप में हुई है. दोनों पर करीब 1.67 करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है. वहीं, जांच के दौरान गरिमा के पास से मिली एक डायरी ने कई चौंकाने वाले खुलाए किए हैं.

अप्रैल 2026 तक अरबपति बनने का था लक्ष्य

पुलिस को गरिमा सिंह के पास से मिली डायरी में लिखा था कि ‘अप्रैल 2026 तक अरबपति बनूंगी, यह मेरा लक्ष्य है’. डायरी में 100 करोड़ रुपये कमाने और सभी कर्ज खत्म करने जैसे कई लक्ष्य भी दर्ज मिले हैं. पुलिस का मानना है कि यह डायरी आरोपियों की मानसिकता और योजनाबद्ध तरीके से ठगी करने की मंशा की ओर इशारा करती है.

पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को कम ब्याज पर पर्सनल लोन दिलाने और पहले से लिए गए लोन को चुकता कराने का झांसा देते थे. मामले में शिकायतकर्ता और रेलवे कर्मचारी सत्य प्रकाश सिंह की तहरीर पर 1 अगस्त को मुकदमा दर्ज किया गया था. आरोप है कि उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर कई बैंकों से 1.67 करोड का लोन पास कराया गया.

पूरे खेल में पिता भी बेटी की करता था सहयोग

शिकायतकर्ता ने तहरीर में बताया कि ध्रुव नारायण ने कर लोन चुकता करने के वादा कर अपनी बेटी से मुलाकात करवाई थी. गरिमानी उनके दस्तावेज का इस्तेमाल कर बैंक से पर्सनल लोन कराया. इसमें से 10 लाख रुपए सत्य प्रकाश सिंह के खाते में डाल कर शुरुआती तीन महीने की EMI भरी गई, उसके बाद उन्होंने किस्त देना बंद कर दिया था.

पूछताछ में ध्रुव नारायण सिंह ने बताया कि उनकी बेटी को अमीर बनने का बहुत ही शौक था. वह इंटरनेट के जरिए ठगी के तरीके सीखती थी. इसके बाद लोगों को निशाना बनाना शुरू किया, जिन्हें लोन की जरूरत थी या जो पहले से कर्ज में थे. आरोप है कि इस पूरे खेल में पिता भी बेटी की मदद करता था और अपने परिचितों को उसके पास भेजता था.

पति ठेकेदार, काफी दिनों से घर पर ही बैठा था

गरिमा सिंह की शादी 2020 में कुशीनगर जनपद की सुकरौली के रहने वाले भानु प्रताप सिंह से हुई थी. पति ठेकेदारी करता था, जब काम कमजोर होने लगा तो वह अपनी पत्नी के साथ उसके घर आ कर रहने लगा. वहीं, अमीर बनने के लिए गरिमा लोगों को ठगी का शिकार बनाती थी. 10 से 20% लोन लेने वाली को दे दी थी, बाकी अपने बैंक में डलवा लेती थी.

एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि लोन के नाम पर लोगों से ठगी करने के मामले में पिता और बेटी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.

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