गोरखपुर: रामगढ़ताल में आमने-सामने भिड़ीं दो स्पीड बोट, एक मौत, 8 घायल; FIR दर्ज
गोरखपुर के रामगढ़ताल में दो नावों की टक्कर से बड़ा हादसा हो गया. इस दुर्घटना में कुशीनगर के एक युवक की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल हुए हैं. प्रशासन ने घटना की जांच के लिए कमेटी गठित की है. वहीं, बोट संचालन के खिलाफ FIR दर्ज हुई है, लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं.
गोरखपुर के रामगढ़ताल स्थित नौका विहार में रविवार रात बोटिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया. दो स्पीड बोटों की आमने-सामने टक्कर होने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हैं. हादसे के बाद नौका विहार में अफरा-तफरी मच गई. हालांकु, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया.
जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान कुशीनगर जिले के हाटा क्षेत्र के पिपरा गांव निवासी 21 वर्षीय लखमुद्दीन के रूप में हुई है. वह अपने दोस्त कयामुद्दीन अंसारी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घूमने के लिए गोरखपुर आया था. सभी लोग स्पीड बोट से रामगढ़ताल में बोटिंग कर रहे थे. इस दौरान वापस लौट रही दूसरी बोट से उनकी टक्कर हो गई.
टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बोटें पलट गईं
पुलिस के अनुसार, एक बोट प्लेटफॉर्म से ताल की ओर जा रही थी, जबकि दूसरी बोट वापस प्लेटफॉर्म की तरफ लौट रही थी. इसी दौरान दोनों बोटों की आमने-सामने टक्कर हो गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बोटें असंतुलित होकर पलट गईं और उनमें सवार लोग पानी में गिर गए. इसके बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई.
घटना के बाद मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव अभियान चलाकर सभी को बाहर निकाला. घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान लखमुद्दीन की मौत हो गई. वहीं, आठ अन्य घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है. जिसका इलाज जारी है, जबकि दो लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई.
जांच के लिए समिति गठित, बोट संचालन पर FIR
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसपी सिटी निमिष पाटिल समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने दोनों बोट चालकों का मेडिकल कराया है. प्रशासन ने दोनों प्लेटफॉर्म संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, उनके लाइसेंस निरस्त करने और पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित करने की बात कही है.
प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह दोनों बोटों की आमने-सामने टक्कर मानी जा रही है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बोट संचालन में किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हुई. गौरतलब है कि पहले इससे साल 2025 में भी रामगढ़ताल में इसी तरह का बोट हादसा हुआ था, जिसमें कई लोग घायल हुए थे.
