मासूम से दरिंदगी में दरिंदे को 16 दिन में मिली उम्रकैद की सजा, मदद करने वाली मां भी भेजी गई 4 साल के लिए जेल

6 साल की मासूम बच्ची से रेप के मामले में कोर्ट ने महज 16 दिन के अंदर फैसला सुना दिया.कोर्ट ने इस मामले में आरोपी को जीवन भर जेल में बिताने की सजा सुनाई है. वहीं, उसकी मां को मदद करने के आरोप में 4 साल की कारावास की सजा दी गई है.

मासूम से रेप करने वाला आरोपी Image Credit:

21 फरवरी को गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र में एक 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंगदगी हुई थी. अब इस मामले में कोर्ट ने महज 16 दिनों में फैसला सुना दिया. मंगलवार यानी 31 मार्च को विशेष न्यायाधीश पास्को एक्ट अशोक कुमार यादव ने इस मामले में अशोक निषाद को उम्र कैद की सजा सुना दी है. इसके अलावा आरोपी पर 55 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है. वहीं, सबूत मिटाने की दोषी उसकी मां को 4 साल की जेल और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई.

21 फरवरी को अशोक निषाद नाम के शख्स 6 साल की मासूम के साथ दरिंदगी को अंजाम दिया था. पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए 5 दिन के अंदर ही चार्जशीट दाखिल कर दिया था. फिर 7 मार्च को इसपर पहली सुनवाई हुई. अब 16 वर्किग डे बाद कोर्ट ने इस मामले पर फैसला सुना दिया. पीड़ित बच्ची के परिवार वाले भी आरोपियों को मिले सजा से संतुष्ट दिखाई दिए.

दादी के साथ शादी समारोह में आई थी बच्ची

बच्ची 20 फरवरी को आयोजित शादी समारोह में अपनी दादी के मायके पीपीगंज गई हुई थी. इस दौरान वह करीब 12 बजे अचानक गायब हो गई. परिजनों को उसकी तलाश शुरू की. काफी समय तक खोजने के बाद जब वह पंडाल के पीछे गए तो देखा कि अशोक निषाद नाम का शख्स 6 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म कर रहा था.

पुलिस ने महज 5 दिन में दाखिल किया चार्जशीट

बच्ची के परिजनों को आते देख आरोपी उसे छोड़ फरार हो गया. बच्ची के परिजन जब वहां पर पहुंचे तो बच्ची अचेत अवस्था में थी. साथ ही गंभीर रूप से घायल थी. परिवार उसे आनन-फानन में इलाज के लिए BRD मेडिकल कालेज ले गया. घटना की सूचना पर आई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों के मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. फिर पुलिस ने मात्र 5 दिन चार्जशीट दखिल कर दिया.

कोर्ट ने कहा- नरमी की कोई गुंजाइश नहीं

अब कोर्ट ने सभी साक्ष्यों, 13 गवाहों की गवाही और परिस्थितियों का गहन परीक्षण करते हुए आरोपी को उम्र कैद कैद की सजा सुना दी. कोर्ट ने कहा कि इस घटना में किसी की प्रकार की नरमी की गुंजाइश नहीं है. अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी अशोक निषाद को पास्को एक्ट की धारा 6 की तहत आजीवन कारावास जो उसके शेष जीवन तक प्रभावी रहेगा दिया जाता है. साथ ही अन्य धाराओं में उसे 4 वर्ष की अतिरिक्त को सजा भी सुनाई गई है. यह सभी सजा साथ-साथ चलेंगीं.

आरोपी की मां ने घटना के बाद उसकी की थी मदद

वहीं, आरोपी अशोक निषाद की मां सुनीता देवी को भी अदालत ने 4 वर्ष की कठोर सजाई है. आरोपी सुनीता देवी ने साक्ष्य छिपाने और आरोपी बेटे को सहयोग देने की आरोपी थी. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक घर आया था, तब उसका खून से सना कपड़ा उसकी मां सुनीता देवी ने छिपाया था. अदालत ने दोषियों से वसूली गई पूरी जुर्माना राशि पीड़िता की शिक्षा, पुनर्वास, और भविष्य के लिए देने का आदेश दिया है.

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