क्या संजय निषाद ने बदल ली अपनी जाति? जनगणना में बताया खुद को मझवार, बोले- हम SC हैं
उत्तर प्रदेश में मंत्री संजय निषाद के परिवार ने जनगणना में अपनी जाति 'मझवार' (अनुसूचित जाति) बताई है. यह खुलासा निषाद समाज में नई राजनीतिक बहस का कारण बन गया है, जो पारंपरिक रूप से OBC श्रेणी में आता है. निषाद समाज पूरी तरह से SC दर्जे की मांग करता रहा है, और इस घटनाक्रम ने उनकी मांग को फिर से बल दिया है.
उत्तर प्रदेश में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक संजय निषाद की जाति को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. उनके बड़े बेटे और पूर्व सांसद प्रवीण निषाद ने दावा किया है कि उनकी जाति मझवार है. उन्होंने घर पर जनगणना करने आए कर्मचारियों को भी अपने परिवार की जाति मझवार बताया. यही नहीं, उन्होंने इसका वीडियो जारी कर निषाद समाज से अपनी जाति मझवार लिखाने को कहा है. उनके इस वीडियो पर उत्तर प्रदेश में एक बार फिर निषाद राजनीति गरमा गई है.
बता दें कि यूपी में सभी जातियों को अलग अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है. इनमें निषाद (मल्लाह, केवट, बिंद, कश्यप आदि) को OBC यानी अन्य पिछड़ा वर्ग का दर्जा हासिल है. हालांकि निषादों की ही एक उपजाति मझवार है, जिसे अनुसूचित जाति की श्रेणी में रखा गया है. निषाद समाज के लोग पूरी निषाद जाति को एससी कैटेगरी में शामिल करने की मांग करते रहे हैं. अभी तक इस समाज के लोग भी अब तक ओबीसी आरक्षण का लाभ लेते रहे हैं, लेकिन संजय निषाद के इस वीडियो के बाद समाज के लोग अब खुद को एससी होने का दावा करने लगे हैं.
पूर्व सांसद ने पोस्ट किया वीडियो
संजय निषाद के बड़े बेटे ई. प्रवीण निषाद ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है. इस वीडियो में वह निषाद समाज के लोगों से अपील कर रहे हैं कि जनगणना में जाति के कॉलम में वह अपनी जाति मझवार दर्ज कराएं. इसी के साथ कैटेगरी में एससी लिखवाने को भी कहा है. संजय निषाद के घर प्रगणक विवेक सिंह की अगुवाई में जनगणनाकर्मी पहुंचे थे. जब पूर्व सांसद ने अपनी जाति मझवार बताई तो वह चौंक गए. उन्होंने लिस्ट देखी तो पता चला कि मझवार जाति एससी कैटेगरी में 53वें नंबर पर दर्ज है.
क्या बोले संजय निषाद?
इस वीडियो पर उठे सवालों का जवाब खुद निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने दी. उन्होंने कहा कि निषाद, तुरहा, मझवार, मांझी ये उपजातियां मझवार से ही जुड़ी हैं. मझवार को राष्ट्रपति और राज्यपाल की अधिसूचना में अनुसूचित जाति में दर्ज किया गया है. इसलिए उन्होंने अपने समाज के लोगों से जाति के कॉलम में मझवार और श्रेणी के कॉलम में एससी दर्ज करने को कहा है.