CM सिटी बनेगी सोलर सिटी, चिलुआताल में 20 मेगावाट फ्लोटिंग प्लांट को मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने गोरखपुर को सोलर सिटी बनाने का बड़ा फैसला किया है. इसके तहत चिलुआताल में 20 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित होगा, जिससे प्रति वर्ष 33.29 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा. यह परियोजना गोरखपुर की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी, पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता घटाएगी और रोजगार के अवसर पैदा करेगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गोरखपुर को बड़ा फैसला हुआ है. सरकार ने इस शहर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने का फैसला किया है. इस संबंध में कैबिनेट में मंजूरी मिल गई है. इस फैसले के तहत चिलुआताल में 20 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट के तहत चिलुआताल के करीब 80 एकड़ जल क्षेत्र का उपयोग किया जाएगा. यह क्षेत्र पर्यटन विभाग, राजस्व विभाग तथा हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड के स्वामित्व के अधीन है.
परियोजना के लिए पर्यटन विभाग की 11.4181 हेक्टेयर (28.20 एकड़) भूमि कोल इंडिया लिमिटेड को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी. कंपनी इस 20 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर प्लांट की स्थापना अपने संसाधनों से करेगी. चिन्हित भूमि ताल श्रेणी की है और धारा-77(1) के अंतर्गत सुरक्षित श्रेणी में आती है. इस पर फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाने से भूमि की मूल प्रकृति में कोई परिवर्तन नहीं होगा. जिससे पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के मानकों के तहत सोलर सिटी के रूप में विकसित शहरों में 5 साल पारंपरिक ऊर्जा की मांग में 10% की कमी लाने का लक्ष्य है.
हर साल 33.29 मिलियन यूनिट होगा ऊर्जा उत्पादन
इस परियोजना से प्रति वर्ष न्यूनतम 33.29 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा. जिसे विद्युत ग्रिड में जोड़ा जाएगा. इससे गोरखपुर की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी. इससे पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता घटेगी. फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि प्रदेश में पहले से ही औरैया में 20 मेगावाट तथा खुर्जा में 11 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं.
कोल इंडिया लगाएगा प्लांट
गोरखपुर में प्रस्तावित यह प्लांट कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा अपने संसाधनों से स्थापित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह परियोजना जल सतह पर आधारित होगी और इसके लिए लगभग 80 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है. इस पहल से न केवल हरित ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि गोरखपुर को सोलर सिटी बनाने में भी बड़ी मदद मिलेगी तथा प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे.
पछवारा साउथ कोल ब्लॉक को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में नेयवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड (एनयूपीपीएल) को आवंटित पछवारा साउथ कोल ब्लॉक को मंजूरी मिल गई है. इसके विकास के लिए 2242.90 करोड़ के बजट को भी मंजूर किया गया है. यह कंपनी उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड एवं एनएलसी इंडिया लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है. परियोजना का वित्तपोषण 70% ऋण (₹1570.03 करोड़) एवं 30% अंशपूंजी के माध्यम से किया जाएगा. जिसमें उत्पादन निगम की 49% हिस्सेदारी के अनुसार ₹329.71 करोड़ अंशपूंजी देय होगी.