ग्रेटर नोएडा: एयरटेल इंजीनियर की 190 फीट ऊंचे टावर से गिरकर मौत, सेफ्टी बेल्ट का लॉक टूटने से दर्दनाक हादसा
ग्रेटर नोएडा में एयरटेल इंजीनियर की 190 फीट ऊंचे मोबाइल टावर से गिरकर मौत हो गई. सिग्नल जांच के दौरान सेफ्टी बेल्ट का लॉक टूटने से यह दर्दनाक हादसा हुआ. परिवार ने कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है और लापरवाही के पहलुओं पर गौर कर रही है.
ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया. एयरटेल कंपनी के इंजीनियर मोबाइल टावर पर चढ़कर नेटवर्क सिगनल की जांच कर रहा था. इसी दौरान उसकी सेफ्टी बेल्ट का लॉक अचानक टूट गया. इस हादसे में एयरटेल इंजीनियर की करीब 190 फीट ऊंचाई से नीचे गिरकर दर्दनाक मौत हो गई.
जानकारी के मुताबिक, चांदपुर गांव में लगे एयरटेल कंपनी के टावर पर पिछले कई दिनों से नेटवर्क संबंधी समस्या आ रही थी. ग्रामीणों की शिकायत के बाद कंपनी की तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया था. टीम में नेटवर्क इंजीनियर शांतनु भी शामिल थे जो खुद टावर पर चढ़कर तकनीकी जांच कर रहे थे. इसी दौरान वह सेफ्टी बेल्ट टूटने से हादसे के शिकार हो गए.
अचानक सेफ्टी बेल्ट का लॉक टूटने से हादसा
बताया जा रहा है कि शांतनु ने सुरक्षा के लिए हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट पहन रखी थी. वह करीब 190 फीट की ऊंचाई पर पहुंचकर सिग्नल की जांच कर रहे थे. इसी दौरान अचानक सेफ्टी बेल्ट का लॉक टूट गया और उनका संतुलन बिगड़ गया. देखते ही देखते वह सीधे जमीन पर गिर पड़े. इससे मौके पर मौजूद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया.
साथी कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी. गंभीर हालत में शांतनु को कासना स्थित जिम्स अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इंजीनियर की मौत से परिवार में कोहराम मचा है. परिवार ने कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, खासकर निर्धारित समय के बाद काम कराने को लेकर सवाल किया गया है.
शाम 5 बजे के बाद टावर पर क्यों भेजा गया था?
मृतक शांतनु फिरोजाबाद के धर्मपुर गांव के रहने वाला थे. वह नोएडा सेक्टर 62 स्थित एयरटेल कार्यालय में नेटवर्क इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और पिछले 4 वर्षों से कंपनी में नौकरी कर रहे थे. वह दो दिन पहले ही अपने गांव से वापस नोएडा लौटे थे. शांतनु के बड़े भाई देवेश कुमार ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पूरा परिवार नोएडा पहुंच गया है.
परिवार में माता-पिता भाई बहनों और अन्य रिश्तेदारों का रो-रो कर बुरा हाल है. परिजनों ने कंपनी की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि शाम करीब 5:30 बजे हादसा हुआ जबकि सामान्य तौर पर शाम 5 बजे के बाद टावर पर चढ़ने की अनुमति नहीं होती है. ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि उन्हें टावर पर क्यों भेजा गया?
सभी बिंदुओं पर पुलिस की ओर से जांच जारी
परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. थाना प्रभारी का कहना है की प्रथम दृष्टया मामला हादसा प्रतीत हो रहा है. हालांकि सेफ्टी बेल्ट का लॉक कैसे टूटा, सुरक्षा मानको का पालन हुआ या नहीं और हादसे के पीछे कोई लापरवाही तो नहीं थी. इन सभी बिंदुओं पर पुलिस की ओर से जांच की जा रही है.
