आई थी काली पूजन को, काटकर चढ़ा दी जीभ; माता के इस मंदिर में पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
हरदोई के काली मंदिर में एक महिला ने अपनी जीभ काटकर माता को चढ़ा दी, जिससे हड़कंप मच गया. यह मंदिर में आत्म-बलिदान की पहली घटना नहीं है. बीते 25 सालों में 12 से अधिक बार ऐसी वारदातें हो चुकी हैं, जिनमें गर्दन काटने का प्रयास भी शामिल है. फिलहाल पुलिस ने इस महिला को अस्पताल पहुंचाया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है.
उत्तर प्रदेश के हरदोई में एक हैरान करने वाली घटना हुई है. यहां धियर मोहलिया स्थित काली मंदिर में पूजन के लिए आई एक महिला ने देखते ही देखते अपनी जीभ काटकर माता के चरणों में चढ़ा दिया. यह देखते ही मंदिर में मौजूद भक्तों में हड़कंप मच गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला की हालत देखकर उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है. इस मंदिर में इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है. बीते 25 वर्षों में ही यहां 12 से अधिक घटनाएं हो चुकी है. एक बार तो एक युवक ने अपनी गर्दन तक काटकर माता को चढ़ाने का प्रयास किया था. गनीमत रही कि समय रहते लोगों को खबर हो गई और उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां मुश्किल से उसकी जान बची थी. स्थानीय लोगों के मुताबिक यह मंदिर प्रचीन है और क्षेत्र में इस मंदिर को लेकर बहुत मान्यता भी है.
बावन चुंगी की रहने वाली है महिला
हरदोई के देहात कोतवाली क्षेत्र के धियर मोहलिया स्थित काली मंदिर में इस घटना को अंजाम देने वाली महिला की पहचान बावन चुंगी की रहने वाली ऊषा के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि यह महिला मंदिर में पूजा करने आई थी. अचानक उसने चाकू निकाला और अपनी जीभ काटकर मां काली के चरणों में चढ़ा दी. इससे मंदिर में खून का फब्बारा फूट पड़ा. यह देखकर मंदिर में मौजूद पुजारी और श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई. मंदिर में मौजूद लोगों ने ही मामले की जानकारी पुलिस को दी.
पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
सूचना मिलने पर कोतवाल हरिनाथ सिंह दल बल के साथ मौके पर पहुंचे और महिला को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया. स्थानीय लोगों के मुताबिक इस मंदिर में आए दिन इस तरह की घटनाएं होने की वजह से यहां 24 घंटे पुलिस का पहरा रहता है. बावजूद इसके, महिला पुलिस की आंखों में धूल झोंककर ना केवल चाकू के साथ मंदिर में आ गई, बल्कि उसने मौका देखकर अपनी जीभ काटकर माता को चढ़ा भी दिया.
7 साल पहले हुई थी बड़ी घटना
इस मंदिर में साल 2018 में हरदोई के चांद बेहटा के रहने वाले पोस्ट ग्रेजुएट छात्र ने अपना गला काटकर माता को चढ़ाने का प्रयास किया था. हालांकि इस हरकत से वह खुद लहूलुहान हो गया. पूछताछ में उसने बताया था कि मां काली उसके सपने में आती हैं और उनके ही कहने पर उसने माता को अपना सिर भेंट करने के लिए मंदिर आया था. इसी प्रकार माता को जीभ काटने की घटनाएं तो दर्जनों हो चुकी हैं.
क्या है मान्यता
स्थानीय लोगों के मुताबिक इस मंदिर की प्राचीनता का कोई सटीक प्रमाण नहीं है. कुछ लोग इसे पौराणिक मंदिर भी बताते हैं. इस मंदिर की ऐसी मान्यता है कि दूर दूर से लोग यहां माता के आर्शीवाद के लिए आते हैं. खासतौर पर मनपसंद वर की चाहत रखने वाली लड़कियां अपने घर से नंगे पैर चलकर माता के दर्शन करने आती है. वहीं निसंतान दंपत्ति भी माता के दरबार में मनौती मांगने आते हैं. इसी प्रकार नौकरी, व्यापार और व्यवसाय के लिए लोग यहां आते हैं. मान्यता है कि यहां हर किसी की मनौती पूरी होती है.
