नोएडा एयरपोर्ट को मिला भारतीय CEO, अब उड़ान में क्या है अड़चन?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान शुरू होने की बड़ी बाधा दूर हो गई है. भारतीय सीईओ नीतू समारा की नियुक्ति के साथ ही सुरक्षा मंजूरी का रास्ता साफ हो गया है. अब जल्द ही जेवर एयरपोर्ट से 17 शहरों के लिए उड़ानें शुरू होने की उम्मीद है. यह एयरपोर्ट पश्चिमी यूपी के विकास का नया इंजन बनेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू होने वाली उड़ान की बड़ी बाधा दूर हो गई है. एयरपोर्ट प्रबंधन ने बड़ा फैसला लेते हुए नीतू समारा को नोएडा एयरपोर्ट का सीईओ नियुक्त किया है. अब तक एयरपोर्ट प्रबंधन विदेशी सीईओ की तलाश कर रहा था. सीईओ की नियुक्ति के साथ ही लंबे समय से अटकी सुरक्षा मंजूरी और नोएडा एयरपोर्ट से उड़ान की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है. माना जा रहा है कि जल्द से जल्द सुरक्षा क्लीयरेंस हासिल कर नोएडा एयरपोर्ट से उड़ाने शुरू कर दी जाएंगी.
इस संबंध में पहले ही बोर्ड बैठक में निर्णय लिया गया था कि मई के शुरुआत या अप्रैल के अंत तक जेवर एयरपोर्ट से 17 शहरों के लिए उड़ाने शुरू हो जाएंगी. अब ब्यूरो ऑफ़ सिविल एविएशन सिक्योरिटी यानी BCAS की आपत्तियों के बाद एयरपोर्ट प्रबंधन ने नया फैसला लिया है. इसमें साफ किया गया है कि भारत में किसी एयरपोर्ट का सीईओ भारतीय नागरिक होना जरूरी है. यही वजह थी कि अब तक विदेशी नागरिक क्रिस्टल शनेलेमन के सीईओ होने के चलते सुरक्षा मंजूरी में बाधा आ रही थी.
17 शहरों के लिए शुरू होंगी उड़ान
अधिकारियों के मुताबिक भारतीय सीईओ की तैनाती के साथ ही एयरपोर्ट संचालन की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है. यह बदलाव केवल औपचारिक नहीं बल्कि एयरपोर्ट को जल्द ऑपरेशनल बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सबसे बड़ी अड़चन दूर होने के बाद जल्द ही यहां से 17 शहरों के उड़ानों की शुरुआत का रास्ता खुल जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा मंजूरी मिलते ही घरेलू और कार्गो उड़ानों को एयरपोर्ट प्रबंधन अब शुरू करने की तैयारी में है.
इतनी क्षमता के साथ होगी शुरूआत
अधिकारियों के मुताबिक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण सालाना करीब 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता के साथ शुरू होगा और आने वाले समय में इसका विस्तार किया जाएगा. इसे देश के सबसे बड़े एविएशन हब में विकसित करने की योजना है. यह एयरपोर्ट न केवल दिल्ली एनसीआर के लिए हवाई दबाव को काम करेगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा देगा.
क्षेत्रीय विकास का बनेगा बड़ा केंद्र
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को सिर्फ एयरपोर्ट नहीं बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक इंजन के तौर पर देखा जा रहा है. इसके शुरू होने से रोजगार निवेश लॉजिस्टिक होटल और औद्योगिक सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. नोएडा प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की तस्वीर बदले की उम्मीद है.
