कभी इस दरोगा नाम सुन कांपते थे अपराधी, आज चोरी का केस लिखवाने के लिए दर-दर भटक रहे
दारोगा रामलखन यादव जौनपुर में अपने कार्यकाल के दौरान अपराधियों पर नकेल कसने के लिए चर्चित थे.एसओजी टीम में रहने के दौरान उन्होंने तीन दर्जन से अधिक खूंखार अपराधियों का एनकाउंटर किया.आज एक चोरी की एफआईआर के लिए इंस्पेक्टर से लेकर जिले के पुलिस अधिकारियों के आगे न्याय की गुहार लगाने को मजबूर हैं.
जौनपुर में घर में लाखों की चोरी होने के बाद एफआईआर लिखवाने के लिए यूपी पुलिस का एक रिटायर्ड दारोगा दर-दर भटक रहा है. घटना के बाद पुलिस पर तहरीर बदलने की बात कहने के आरोप लगे हैं.घटना के बाद थाने से लेकर सहायक पुलिस अधीक्षक तक सबके सामने जाकर पीड़ित ने फरियाद की लेकिन कथित तौर पर सबने यही कहा कि तहरीर बदलकर दीजिए, और जो चोरी हुआ है उसका प्रमाण लाकर दीजिए.
जौनपुर पुलिस पीड़ित से चोरी का प्रमाण मांग रही
चोरी की शिकायत पर केस दर्ज कर छानबीन करने के बजाय जौनपुर पुलिस पीड़ित से ही चोरी का प्रमाण मांग रही है.जौनपुर में एसओजी टीम में कुछ वर्ष पूर्व पुलिस विभाग में सेवा देने वाले राम लखन यादव अब खुद पीड़ित बनकर थाने से लेकर एसपी ऑफिस तक चक्कर काटने को मजबूर हैं.वर्ष 2017 में सेवानिवृत्त के बाद उन्होंने जौनपुर में ही एक मकान खरीद लिया था. TV9 से बातचीत में उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें इस बात की पीड़ा हो रही है कि उनका विभाग उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है.
मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले हैं रामलखन यादव
दरअसल, आजमगढ़ जिले के देवगांव के रहने वाले यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर पद से रिटायर्ड राम लखन यादव जौनपुर के नगर कोतवाली क्षेत्र के सिपाह पुलिस चौकी से चंद दूरी पर एक मकान खरीद लिए थे.यहां उनके बेटे और बहू रहते हैं.रामलखन अपने गांव रहतें हैं.उनके बेटे विजय प्रताप यादव और बहू गांव गए थे, घर में ताला बंद था.आरोप है कि 11 जून को देर रात उनके मकान का ताला तोड़कर लाखों की चोरी हो गई.
पुलिस ने FIR में जेवरात चोरी की बात लिखने से मना किया
पड़ोसियों द्वारा जानकारी मिलते ही रामलखन परिवार के साथ अपने जौनपुर स्थित मकान पर पहुचे और नगर कोतवाली पुलिस को सूचना दी. लिखित शिकायत के बाद पुलिस वालों के मौके पर जाकर मुआयना भी किया.लेकिन चार दिन बीतने के बावजूद उनकी एफआईआर नहीं दर्ज हुई.आरोप है कि एफआईआर कॉपी लेने के लिए कोतवाली जाने पर उनके बेटे विजय प्रताप यादव से कहा गया कि दूसरी तहरीर दीजिए.उसमें जेवरात चोरी की बात मत लिखिए.
पुलिस ने कहा- तहरीर बदलिए और स्टाम्प पर लिखित दीजिए
इतना ही नहीं उनका आरोप है कि उनसे यह भी कहा गया कि जेवरात चोरी हुए हैं इस बात का क्या प्रमाण है, इसके लिए स्टॉम्प पेपर पर लिखकर अलग से दीजिए तहरीर में उनका जिक्र मत करिए.जौनपुर पुलिस जब सामान्य एप्लिकेशन पर कार्रवाई नहीं कर सकती. अब उसे बकायदा रजिस्टर्ड स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र चाहिए. हालांकि, पीड़ित विजय प्रकाश यादव और उनके पिता रामलखन यादव ने कहा कि स्त्रीधन का साक्ष्य कहां से लाकर दिया जाए जो उपहार शादी में मिलता हैं.अब उनके खरीद के बिल का साक्ष्य कहां से लाकर वो लोग दें.
फिलहाल, सोमवार को एसपी कुंवर अनुपम सिंह से शिकायत करने पहुंचे राम लखन यादव को उम्मीदों पर फिर से पानी फिर गया.एसपी ऑफिस पहुंचने पर वहां एसपी तो नहीं मिले लेकिन जब सुनवाई के लिए बैठे सीओ सिटी/ सहायक पुलिस अधीक्षक गोल्डी गुप्ता ने उनकी मुलाकात हुई.उन्होंने जब प्रार्थनापत्र देकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की तो आरोप है कि सीओ के भी उन्हें तहरीर बदलकर देने की बात कह दी.
एनकाउंटर स्पेशलिस्ट नाम से मशहूर थे रामलखन
परेशान रिटायर्ड दारोगा राम लखन यादव ने कहा कि अब वह उच्चाधिकारियों से जाकर अपनी पीड़ा सुनायेंगे.दारोगा रामलखन यादव जौनपुर में अपने कार्यकाल के दौरान अपराधियों पर नकेल कसने के लिए चर्चित थे.एसओजी टीम में रहने के दौरान उन्होंने तीन दर्जन से अधिक खूंखार अपराधियों का एनकाउंटर किया.आज एक चोरी की एफआईआर के लिए इंस्पेक्टर से लेकर जिले के पुलिस अधिकारियों के आगे न्याय की गुहार लगाने को मजबूर होने
पुलिस का क्या है पक्ष?
राम लखन यादव ने कहा कि उन्हें बड़ी पीड़ा है कि उनका विभाग उनके साथ जब ऐसा बर्ताव कर रहा है तो आम जनता के साथ क्या होता होगा.इस संबंध में टीवी9 ने जब सीओ सिटी/ सहायक पुलिस अधीक्षक गोल्डी गुप्ता से बात की तो उन्होंने बताया कि शिकायकर्ता से यह कहा गया है कि उनके जो भी जेवरात चोरी हुए हैं उसके साक्ष्य (बिल) के साथ तहरीर दें एफआईआर दर्ज होगी.
स्टाम्प पेपर पर लिखकर देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि नहीं ऐसा नहीं है. पुलिस को स्टाम्प पेपर पर लिखकर देने की कोई जरूरत नहीं होती. पुलिस सादे कागज पर लिखित शिकायत मिलने पर ही कार्रवाई करती है.उनका मुकदमा लिखा जाएगा, कार्रवाई होगी.
