जेवर एयरपोर्ट के नाम को लेकर फिर मचा घमासान! PM को लिखा गया पत्र; दिया ये तर्क

नोएडा में जेवर एयरपोर्ट के नामकरण पर एक बार फिर घमासान मचा है. श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास ने नामकरण की मांग उठाई है. इस बाबत प्रधानमंत्री को पत्र लिखा गया है. यह मांग नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नाम तय होने के बावजूद उठी है. इससे पहले महाराणा प्रताप के नाम की भी मांग उठी थी.

नोएडा में निर्माणाधीन जेवर एयरपोर्ट (फाइल फोटो) Image Credit:

नोएडा के जेवर में एशिया के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम लगभग पूरा हो चुका है. अब DGCA की मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद इसका भव्य उद्घाटन किया जाएगा. इस बीच इसके नाम को लेकर एक बार फिर घमासान मचा हुआ है. इसका नाम ‘श्री कृष्णा एयरपोर्ट’ रखने की मांग है. श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास ने प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा है.

स्थानीय निवासियों ने इसका नाम जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखने की मांगी थी. इसके अलावा करणी सेना ने महाराणा प्रताप नाम रखने के लिए यमुना प्राधिकरण और स्थानीय विधायक को ज्ञापन भी दिया था. लेकिन एयरपोर्ट का निर्माण करने वाली कंपनी ने जब कई सारे नाम एक यूनिक कोड के लिए भेजे, तब इसका नाम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखा गया.

एयरपोर्ट भगवान कृष्ण की जन्मभूमि-कर्मभूमि के बीच

अब ऐसे में एक बार फिर हिंदूवादी नेता ने इस एयरपोर्ट का नाम श्री कृष्णा एयरपोर्ट रखने की मांग की है. श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलकर श्री कृष्णा एयरपोर्ट रखने की मांग की है. उनका तर्क है कि यह एयरपोर्ट भगवान कृष्ण की जन्मभूमि-कर्मभूमि के बीच है.

दिनेश फलहारी ने अपने पत्र में लिखा है कि मथुरा भगवान कृष्ण की जन्म भूमि है, जबकि दिल्ली उनके कर्म भूमि के रूप में देखा जाता है. ऐसे में इसका नाम श्री कृष्णा के नाम पर रखा जाना सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से उचित रहेगा. साथ ही लिखा कि इस नामकरण से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.

धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नहीं पहचान मिलेगी

पत्र में लिखा गया कि यदि कोई एयरपोर्ट का नाम श्री कृष्ण के नाम से जोड़ता है तो इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नहीं पहचान मिलेगी. मथुरा आने वाले देश-विदेश से श्रद्धालु जब इस धरती पर उतरेंगे तो उन्हें यह एहसास होगा कि वह एक प्राचीन सभ्यता में प्रवेश कर रहे हैं. इससे मथुरा वृंदावन और आसपास के क्षेत्र में अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी.

गौरतलब है कि जेवर में बनने जा रहे हैं एशिया के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनकर पूरी तरह तैयार है. इसके चालू होते ही न केवल दिल्ली और नोएडा बल्कि आगरा, गाजियाबाद, मेरठ और हापुड जैसे शहरों के लिए भी एक बड़ा हब बनेगा. ऐसे में इसका नाम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश और दुनिया में भारत की पहचान का प्रतीक माना जाएगा.