बाराबंकी के स्कूल में महिला टीचर की आत्महत्या से हड़कंप, परिजनों ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
बाराबंकी के एक सरकारी स्कूल में महिला टीचर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. स्कूल में ही शव फंदे से लटका मिला. इस घटना से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. पुलिस और बेसिक शिक्षा अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं., परिजनों ने स्कूल स्टाफ पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है.
बाराबंकी के हरख विकासखंड स्थित कंपोजिट विद्यालय उदवापुर में शनिवार को एक महिला टीचर ने आत्महत्या कर लिया. शिक्षिका ने फांसी लगाई थी, उसका शव स्कूल के एक कमरे में पंखे से लटा मिला. घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल स्टाफ, ग्रामीणों और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया. आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई.
मृतका की पहचान उमा वर्मा (40) के रूप में हुई है, जो इसी स्कूल में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात थी. स्कूल प्रशासन ने तत्काल घटना की जानकारी पुलिस और उच्च अधिकारियों को दी. जिसके बाद सतरिख थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रही है.
महिला के पति भी सरकारी टीचर, दोनों से हैं दो बच्चे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विद्यालय में ही शिक्षिका का शव फंदे से लटका मिला. बताया गया है कि उमा वर्मा दो बच्चों की मां थी और अपने परिवार के साथ जिले के जलालपुर गांव में रहती थी. उनके पति ऋषि वर्मा भी शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं और सिद्धौर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय टेंड़वा गांव में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं.
घटना के बाद क्षेत्र में शोक और स्तब्धता का माहौल है. साथी टीचर और स्थानीय लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थिति रही होगी जिसने एक शिक्षिका को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया. उधर, सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे परिजनों ने स्कूल स्टाफ पर शिक्षिका को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है.
स्टाफ के लोग ढाई साल से प्रताड़ित कर रहा था
मृतका के पति ऋषि वर्मा ने आरोप लगाया कि विद्यालय का स्टाफ पिछले ढाई साल से लगातार उनकी पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था. जब वह मन लगाकर बच्चों को पढ़ाती थी तो स्टाफ के लोग टीका-टिप्पणी करते थे. कई बार पूरे स्टाफ ने मिलकर उनके खिलाफ शिकायतें कीं, हम ट्रांसफर के लिए प्रयास कर रहे थे लेकिन ट्रांसफर नहीं हो पाया.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सभी शिक्षकों ने उन्हें फंदे पर लटका देखा लेकिन किसी ने उन्हें उतारकर समय पर इलाज के लिए नहीं ले गया. शायद जान बच जातीं. मृतका के भाई शिवाकांत वर्मा ने बताया कि पूरा स्टाफ टीका-टिप्पणी करता था कि ‘बड़ी पढ़ाने वाली है, इनको अवार्ड चाहिए. उन्होंने कई बार बहन से पूछा लेकिन वो टाल देती थी.
परिजनों के आरोपों की जांच कराई जा रही है- BSA
परिजनों ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है. मौके पर पहुंचे बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि घटना अत्यंत दुखद है. इस पूरे मामले में पुलिस जांच कर रही है. यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, स्कूल की प्रधानाध्यापिका का कहना है कि महिला शिक्षिका पहले से ही बीमार थी.