कानपुर देहात: 3 गाड़ियों में आई टीम, भाई-बहन को उठाकर ले गई दिल्ली; PAK कनेक्शन का शक

कानपुर देहात से सुरक्षा एजेंसियों ने एक भाई-बहन को पाकिस्तानी कनेक्शन के शक में हिरासत में लेकर दिल्ली ले गई हैं. दोनों पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है. मामला अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव की है. स्थानीय पुलिस को भी बाद में जानकारी मिली.

पाकिस्तानी लिंक पर कानपुर से हिरासत में भाई-बहन

कानपुर देहात के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के बारा गांव में बुधवार सुबह सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की अचानक कार्रवाई से हड़कंप मच गया. दिल्ली से पहुंची टीम ने घर में छापेमारी कर एक सगे भाई-बहन को हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए उठाकर अपने साथ ले गई है. टीम एक अन्य नाबालिग बहन का मोबाइल फोन भी दिल्ली ले गई है.

हिरासत में लिए गए भाई-बहन की पहचान बाकर (30) और उरूज फातिमा (32) के रूप में बताई जा रही है. दोनों पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के शक और पाकिस्तान कनेक्शन की आशंका के चलते जांच किए जाने की बात सामने आई है. हालांकि, अभी तक पुलिस या किसी सुरक्षा एजेंसी की ओर से आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

तीन गाड़ियों से करीब 10 लोग पहुंचे थे घर

परिजनों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे तीन गाड़ियों से करीब 10 लोग उनके घर पहुंचे. टीम के सदस्यों ने घर में प्रवेश कर परिवार के लोगों से पूछताछ की और मोबाइल फोन समेत घर में रखी कई चीजों की जांच की. परिजनों का कहना है कि टीम ने ज्यादा जानकारी नहीं दी और केवल एक आधार कार्ड दिखाया.

परिवार ने बताया कि टीम घर में घुसते ही कहने लगे कि मोबाइल चोरी के हैं. और फिर पूरे घर में जांच करने लगे. एक-एक चीज की छानबीन की गई. इसके बाद टीम के सदस्यों ने बाकर और उरूज फातिमा को अपने साथ लेकर चले गए. उनकी छोटी बहन सुबूर फातिमा का मोबाइल फोन भी टीम ने अपने कब्जे में ले लिया.

गांव के कुछ लोगों के रिश्तेदार पाकिस्तान में हैं

सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों को दोनों के मोबाइल फोन और डिजिटल गतिविधियों से कुछ संदिग्ध चैट मिलने की जानकारी है. साथ ही कुछ वित्तीय लेन-देन भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों किन लोगों के संपर्क में थे और पाकिस्तान में मौजूद लोगों से उनका किस तरह का संपर्क था.

बताया जा रहा है कि बारा गांव के कुछ लोगों के रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं. पाकिस्तान में रहने वाले कुछ लोगों की जमीन भी गांव में होने की बात सामने आई है, जिन्हें अब शत्रु संपत्ति घोषित किया जा चुका है. इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां गांव से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं. कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर भी हड़कंप मच गया.

स्थानीय पुलिस को भी काफी देर से जानकारी मिली

परिजनों का कहना है कि बाकर और उरूज फातिमा को ले जाए करीब 60 घंटे हो चुके हैं, लेकिन अभी तक उनके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है. परिवार ने स्थानीय पुलिस से भी शिकायत की है. खास बात यह रही कि कार्रवाई की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी काफी देर से मिली. बाद में एटीएस कानपुर यूनिट के जरिए पुलिस को जानकारी दी गई.

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों और संपर्कों की गहन जांच कर रही हैं. अधिकारियों की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि दोनों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज है या नहीं. उनका कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा. अब नजर इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं.

रिपोर्ट- बृजेन्द्र गुप्ता, टीवी9, कानपुर देहात

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