…तो बच जाती मासूम की जान! हॉस्पिटल कांड के बाद कानपुर में एक्शन शुरू, 20 अस्पतालों पर गिरी गाज

कानपुर के राजा हॉस्पिटल में एक नवजात की दर्दनाक मौत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है. बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने शहर में ताबड़तोड़ छापेमारी कर मानकों का उल्लंघन कर रहे 6 नर्सिंग होम/अस्पतालों के NICU/OT सील कर दिए, वहीं 14 अन्य को नोटिस जारी किया. यह कार्रवाई अवैध संचालन और स्वास्थ्य मानकों की अनदेखी के खिलाफ की गई है.

कानपुर का राजा नर्सिंग होम

कानपुर के बिठूर स्थित राजा हॉस्पिटल में एक नवजात बच्ची की दर्दनाक मौत के बाद अब प्रशासन एक्शन में आ गया है. स्वास्थ विभाग ने बुधवार को शहर में ताबड़तोड़ छापेमारी की. इस दौरान मानकों के खिलाफ संचालित हो रहे कल्याणपुर के 6 नर्सिंग होम और अस्पतालों के एनआईसीयू सील कर दिए गए हैं. वहीं 14 अन् अस्पतालों को नोटिस जारी किया गया है.

बता दें कि राजा हॉस्पिटल में पिछले दिनों एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया था. जन्म के 90 मिनट बाद ही इस नवजात की वॉर्मर मशीन में जलकर दर्दनाक मौत हो गई थी. इस घटना के तूल पकड़ने के बाद अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया. जांच में पता चला कि यहां पर बिना अनुमति के एनआईसीयू संचालित किया जा रहा था. इसके बाद स्वास्थ विभाग ने शहर में संचालित सभी अस्पतालों में जांच शुरू की है.

ये हुई कार्रवाई

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी नोडल अधिकारी नर्सिंग होम एवं कल्याणपुर थाने की पुलिस की संयुक्त टीम ने कल्याणपुर क्षेत्र में संचालित कई अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान खाटू नर्सिंग होम का आईसीयू सील किया गया, एंजल हॉस्पिटल का ओटी सील किया गया, रिलैक्स हॉस्पिटल की ओटी सील किया गया. इसके अलावा जी1 हेल्थ सेंटर की ओटी सील की गई , मां चाइल्ड केयर हॉस्पिटल की एनआईसीयू सील करते हुए पूरा अस्पताल ही सील कर दिया गया. इसी क्रम में एहसास हॉस्पिटल का एनआईसीयू भी सील किया गया है.

इन्हें दिया नोटिस

टीम ने जांच के दौरान श्री राधे मेडिकल सेंटर, चरक नर्सिंग होम, आरोग्य मेडिकल सेंटर, जीवन हॉस्पिटल, रूद्राक्ष हॉस्पिटल, श्री राधे हॉस्पिटल, माधव हॉस्पिटल, मां वैष्णवी हॉस्पिटल, प्रांजल मेडिकल सेंटर, शिव हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर, भूमि हॉस्पिटल, न्यू नीलम सरोज हॉस्पिटल, बालाजी हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर, ओम शक्ति हॉस्पिटल में खामी पाए जाने पर इन्हें नोटिस थमाया है. इन सभी को चेतावनी दी गई कि क्लीयरेंस मिलने तक यहां कोई नया मरीज भर्ती ना किया जाए. जो मरीज पहले से हैं, उन्हें दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया जाए.