मैं IAS बन गया… गर्लफ्रेंड को बोला और ठग लिए 71 लाख, हैरान कर देगी ये कहानी
कानपुर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक युवक ने अपनी प्रेमिका को IAS अधिकारी बनने का झांसा देकर 71 लाख रुपये ठग लिए. उसने फर्जी जॉइनिंग लेटर भी दिखाए. सच्चाई सामने आने पर पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक जालसाज ने एक लड़की को प्रेम जाल में फंसाया और कहा कि जब वह आईएएस बन जाएगा तो शादी करेगा. फिर कुछ दिन बताया कि उसका आईएएस में सिलेक्शन हो गया. इसके बाद अलग अलग तरीके से झांसा देकर लड़की से 71 लाख रुपये ऐंठ लिए. पीड़ित लड़की को जब ठगी का एहसास हुआ तो उसने पुलिस में शिकायत दी. अब पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पीड़िता ने पुलिस को दिए शिकायत में बताया कि आरोपी ने उसे अपना जॉइनिंग लेटर, वेबसाइट की मेल आईडी आदि वाट्सऐप करके भेजा था. इसे देखने के बाद उसे भी विश्वास हो गया. वहीं भरोसा टूटने का अभाष होने पर उसने कानपुर के कल्याणपुर थाने में लिखित तहरीर दी है. एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार के मुताबिक पीड़िता की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
बैंक अधिकारी के रूप की थी पहली मुलाकात
पीड़िता के मुताबिक आरोपी पहले अपने आप को बैंक अधिकारी बताकर उससे मिला और प्रेम जाल में फंसाया. शुरू में उसने कहा कि वह आईएएस की तैयारी कर रहा है और सिलेक्शन होने के बाद शादी करेगा. इस प्रकार उसने झांसा देकर धीरे-धीरे 71 लाख रुपए ऐंठ लिए. युवती के मुताबिक आरोपी की डिमांड पूरी करने के लिए उसने अपने जेवर तक बेच दिए. लेकिन अब उसे जब आरोपी की सच्चाई पता चली तो उसके पैरों तले जमीन सरक गई.
उन्नाव का रहने वाला है आरोपी
कल्याणपुर थाना क्षेत्र में रहने वाली युवती के मुताबिक उन्नाव में शुक्लागंज का रहने वाले दिवाकर मिश्रा के साथ उसके पारिवारिक संबंध हैं. दिवाकर के जरिए ही उसकी मुलाकात कानपुर में चकेरी थाना क्षेत्र में रहने वाले नितेश से हुई. फिर धीरे धीरे दोनों में प्रेम संबंध हो गए. एक दिन नितेश ने उसके सामने विवाह का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि वह एक बैंक में फील्ड ऑफिसर है, लेकिन सिविल सेवा की तैयारी कर रहा है.
सिलेक्शन का दिया था झांसा
पीड़िता के मुताबिक आरोपी ने पहले एडीएम एग्जाम में सेलेक्ट होने की बात कही. फिर कुछ दिन बाद बताया कि उसका सिलेक्शन आईएएस में हो गया है. इसकी पुष्टि उसके पारिवारिक मित्र दिवाकर मिश्रा और उनकी पत्नी ने भी की. इससे उसे आरोपी पर भरोसा हो गया. इसी भरोसे की वजह से आरोपी ने जब भी पैसे मांगे, उसने व्यवस्था कर उसकी मांगें पूरी की. वहीं जब आरोपी की जालसाजी की जानकारी हुई तो उसने दिवाकर मिश्रा से बात की. लेकिन वह उल्टा उसके ऊपर ही भडक गए. यहां तक कि उसे जान से मारने और बदनाम करने तक की धमकी दी.
