मणिकर्णिका घाट: ‘अब इसे भी कहेंगे AI से बना है’, पाल समाज पर लाठीचार्ज को लेकर भड़कें अखिलेश यादव
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर मूर्ति तोड़े जाने के विवाद को लेकर माहौल गरमाया हुआ है. इस बीच पाल समाज की ओर से घाट पर प्रदर्शन किया. इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और 18 लोगों को हिरासत में लिया. अब इसपर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है.
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर मूर्ति तोड़े जाने को लेकर सोमवार को पाल समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया. बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर पुलिस के साथ हाथापाई की भी नौबत आई. इस बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर खदेड़ा और 18 लोगों को हिरासत में लिया. वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा की.
कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने लाठीचार्ज और गिरफ़्तार पर तंज कसा कि क्या इसे भी ‘AI से बना’ कहेंगे. उन्होंने कहा, ‘अब भाजपाई कहेंगे ये समाचार भी ‘एआई’ से बना है. अरे कोई इन्हें समझाए, भाई सब कुछ नहीं होता एआई. भाजपाइयों से जनता पूछ रही है कि जब सब कुछ एआई से ही हो रहा है तो आप क्या कर रहे हैं?’
सच्चा धर्मप्रधान व्यक्ति तो धर्मभीरु होता है- अखिलेश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, ‘भाजपाइयों ने कमीशन लेकर कहीं सरकार को ही एआई को आउटसोर्स तो नहीं कर दिया? जनता तो यहां तक कह रही है कि बुलडोज़र द्वारा जो ध्वस्तीकरण साक्षात् फ़ेसबुक लाइव हुआ, उस पर कोई ज़िम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति इतना सफ़ेद झूठ कैसे बोल सकता है.’
उन्होंने आगे लिखा, ‘कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी ने ऐसे ग़ैरज़िम्मेदार और महाझूठ वाले बयान का वीडियो ही ‘एआई’ से न बना दिया हो. क्योंकि धर्म-संस्कृति पर हुए प्रहार से जुड़े विषय में इतना ‘नैतिकता-विहीन झूठ’ तो सिर्फ़ एआई ही बोल सकता है. सच्चा धर्मप्रधान व्यक्ति तो धर्मभीरु होता है.’ कांग्रेस ने भी जनता की आवाज़ दबाने के इस कृत्य को अस्वीकार्य बताया.
18 लोग हिरासत में, पुलिस ने FIR में क्या कुछ कहा?
वाराणसी चौक थाना पुलिस ने पाल समाज के 18 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है. आरोप है कि मौनी अमावस्या को लेकर मणिकर्णिका घाट पर पहले से भीड़ थी, इस दौरान पाल समाज के 20-25 प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति के वहां जुट गए. इस दौरान सभी जोर-जोर से नारेबाजी करने करने, इससे वहां दाह संस्कार के लिए लोगों में भी भगदड़ मच गई.
पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों से प्रदर्शन करने की अनुमति की कॉपी मांगी तो वो लोग और उग्र हो गए. इस दौरान पुलिस से भी हाथापाई की गई. मौके पर अफरा-तफरी मच गई. इसमें पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं. इसके बाद थाना चौक पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद हालात को काबू करने के लिए 18 लोगों को हिरासत में लिया गया.
