IIT कानपुर में एक और सुसाइड, जूनियर टेक्निशियन ने सगाई से पहले लगा ली फांसी

कानपुर आईआईटी में एक जूनियर टेक्नीशियन ने अपनी सगाई से पहले जान दे दी. फिलहाल, युवती के कमरे से एक डायरी मिली है. पुलिस को अंदेशा है युवती ने सुसाइड क्यों किया, इसका खुलासा डायरी के माध्यम से हो सकता है.

कानपुर आईआईटी में सुसाइड Image Credit:

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के परिसर में एक जूनियर टेक्नीशियन युवती का शव 14 फरवरी यानी शनिवार की सुबह फंदे पर लटकता मिला. पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच शुरू कर दिया है. मृतका की कुछ दिनों बाद ही सगाई होने वाली थी.

मृतका की पहचान अंजू कुमारी के रूप में हुई है. वह मूल रूप से झारखंड के जादूगोड़ा की निवासी थी. अंजू पिछले तीन वर्षों से आईआईटी कानपुर में जूनियर टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थी. शुक्रवार यानी 13 फरवरी की देर शाम अंजू सामान्य रूप से ऑफिस से कैंपस के रूम नंबर-102 में लौटी थी. रात में उन्होंने अपने दुपट्टे की मदद से पंखे के सहारे फांसी लगा ली.

शनिवार सुबह जब उनकी साथ काम करने वाली एक अन्य युवती ऑफिस जाने के लिए अंजू रूम पर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद था. काफी देर तक दरवाजा खटखटाने पर भी कोई जवाब न मिलने पर युवती को अनहोनी की आशंका हुई. युवती ने तुरंत आईआईटी प्रबंधन को सूचना दी.

कमरे में फंदे पर लटकी मिली युवती

आईआईटी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और खिड़की से झांककर देखा तो शव पंखे के सहारे फंदे पर लटक रहा था. सूचना मिलते ही कल्याणपुर थाने की पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया. परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है.

युवती के कमरे से एक डायरी मिली

जांच के दौरान कमरे से एक डायरी बरामद हुई है. डायरी में युवती ने अपनी निजी जिंदगी के बारे में विस्तार से लिखा है. डायरी से युवती की कुछ दिनों बाद सगाई होने वाली है इसकी जानकारी हुई. फिलहाल, सुसाइड की वजह जानने के लिए पुलिस की टीम गहन तरीके से जांच कर रही है. साक्ष्य जुटाने में फॉरेंसिक टीम की भी मदद ली जा रही है.

महीने भर के भीतर यह तीसरी आत्महत्या

यह घटना आईआईटी कानपुर परिसर में हाल के दिनों में हुई तीसरी आत्महत्या है, जिससे संस्थान में चिंता का माहौल है.पुलिस ने मामले को संवेदनशील मानते हुए सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है.जांच पूरी होने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा.