कानपुर: इलाज में लापरवाही से ITBP जवान की मां का हाथ कटा, अब अस्पतालों पर होगी FIR

कानपुर में ITBP जवान की मां का हाथ काटने के मामले में जांच रिपोर्ट आ गई है. इसमें इलाज में देरी और गंभीर लापरवाही की पुष्टि हुई है. कृष्णा हॉस्पिटल और पारस हॉस्पिटल दोनों को दोषी पाया गया. इसके बाद पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने मामले में दोनों अस्पतालों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दे दिए हैं.

कानपुर कमिश्नर रघुवीर लाल (फाइल फोटो)

कानपुर के कृष्णा और पारस अस्पतालों पर ITBP जवान की मां के इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप है, जिसके कारण उनका हाथ काटना पड़ा. जांच रिपोर्ट में देरी और लापरवाही की पुष्टि के बाद अब दोनों अस्पतालों पर FIR दर्ज होगी. बीते दिनों ITBP के कमांडेंट बटालियन के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे. जिसके बाद दोबारा जांच के आदेश हुए थे.

ITBP कमांडेंट की शिकायत पर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने मामले में दोबारा निष्पक्ष जांच के आदेश दिए थे. साथ ही जवानों और CMO डॉ. हरिदत्त नेमी को आमने-सामने बैठाकर बात कराई थी. वहीं, अब सीएमओ की दूसरी जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि डॉक्टरों ने समय पर वैस्कुलर सर्जन की सलाह नहीं ली, जिससे हाथ काटने की नौबत आई.

पुलिस कमिश्नर का कमांडेंट के रवैये पर भी सवाल

सीएमओ की जांच रिपोर्ट में कृष्णा हॉस्पिटल और पारस हॉस्पिटल दोनों को दोषी पाया गया. इसके बाद पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने मामले में दोनों अस्पतालों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दे दिए हैं. उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट गाइडलाइन है कि विशेषज्ञ मेडिकल रिपोर्ट में लापरवाही साबित होने के बाद एफआईआर दर्ज की जाती है.

उन्होंने कहा कि मामले में पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज करने में देरी नहीं की गई. बल्कि प्रशासनिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा था. दूसरी तरफ जवानों के साथ कमिश्नर ऑफिस पहुंचे ITBP कमांडेंट के रवैये पर भी सवाल उठे हैं. पुलिस कमिश्नर ने कार्यालय पर फॉर्मेशन बनाकर खड़े होने पर डीजी ITBP को पत्र भेजा और कार्रवाई की मांग की.

कटा हाथ लेकर कमिश्नर के पास पहुंचा था जवान

दरअसल, पीड़ित जावन विकास सिंह आईटीबीपी की 32वीं बटालियन में तैनात हैं. शनिवार को ITBP के कमांडेंट गौरव प्रसाद उनको लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे. ITBP के कमांडेंट और पीड़ित जवान ने पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल को पहली मेडिकल रिपोर्ट में तथ्यों को सही तरीके से नहीं रखने का आरोप लगाते हुए फिर से जांच की मांग की थी.

फतेहपुर के ITBP जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी को 13 मई को सांस लेने में तकलीफ के बाद कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. आरोप है कि गलत इंजेक्शन के कारण उनके हाथ में संक्रमण फैल गया, जिसके बाद पारस अस्पताल में उनका हाथ काटना पड़ा. इसके बाद जवान अपनी मां का कटा हाथ आइस बॉक्स में लेकर कमिश्नर कार्यालय पहुंचा था.

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