19 दिन जेल, 7 साल की कानूनी जंग… अब जाकर बरी हुआ एयरफोर्स कर्मचारी, साली ने कहा-जीजू ने सपने में छेड़ा था

पुणे में एयरफोर्स में कारपोरल पद पर तैनात कानपुर के युवक पर उसकी साली छेड़छाड़ का आरोप लगाया था. इसके चलते युवक को 19 दिन जेल में बिताने पड़े थे. साथ ही 7 साल की लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी थी. हालांकि, अब उसकी साली ने कोर्ट में कहा कि उसे सपने में महसूस हुआ था जीजू उसके साथ गलत हरकत कर रहे हैं. ऐसे में कोर्ट ने पीड़िता के इस बयान के आधार पर युवक को बरी कर दिया.

छेड़छाड़ मामले में 7 साल बाद एयरफोर्स जवान बरी Image Credit:

कानपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया. यहां एक एयरफोर्स कर्मचारी को अपनी नाबालिग साली से छेड़छाड़ मामले में 7 साल की कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी. इसके अलावा उसे 19 दिन जेल में गुजारने पड़े. लेकिन अब कोर्ट ने एयरफोर्स कर्मचारी को इस मामले में बरी कर दिया. दरअसल, पीड़िता ने स्वीकार किया है कि छेड़छाड़ की घटना महज एक सपना था.

बिठुर के रहने वाले एक और वर्तमान में पुणे में एयरफोर्स में कारपोरल पद पर तैनात युवक की शादी फरवरी 2019 में हुई थी. शादी के कुछ दिनों बाद उनकी नाबालिग साली भी उनके साथ रहने आई थी. लेकिन 08 मार्च को अचानक नाबालिग साली जोर-जोर से चिल्लाने लगी. दरअसल, नाबालिग साली आरोप लगाया कि उसके जीजा ने सोते समय उसके साथ गलत हरकत की है.

नाबालिग बोली- सपने में जीजू ने की थी गलत हरकत

इस घटना के 5 महीने बाद नाबालिग के पिता ने नौबस्ता थाने में युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया. विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) की अदालत में जब सुनवाई शुरू हुई, तो पीड़िता के बयान ने सबको चौंका दिया. पीड़िता ने सुनवाई के दौरान कहा कि उस रात उसने एंटीबायोटिक दवा ली थी और सो रही थी. उसे सपने में महसूस हुआ उसके जीजू उसके साथ गलत हरकत कर रहे हैं.

नाबालिग के परिवार ने माना भ्रम में दर्ज कराया था मुकदमा

कोर्ट में पीड़िता के इस कबूलनामे के बाद उसके पिता और उसकी बड़ी बहन, जो युवक की पत्नी थी, उसने भी स्वीकार किया यह मुकदमा उन्होंने केवल भ्रम और गलतफहमी के आधार दर्ज कराया था. हालांकि, इस गलतफहमी की एयरफोर्स कर्मचारी को भारी कीमत चुकानी पड़ी. उसपर नवंबर 2019 में उन पर मारपीट, बदनामी और लैंगिक हमले जैसे गंभीर आरोपों में चार्ज तय किए गए थे.

युवक ने अदालत में लड़ी 7 साल की लंबी लड़ाई

एयरफोर्स को अपने आप को बेगुनाह साबित करने के लिए 7 साल की लंबी लड़ाई अदालत में लड़नी पड़ी. इसके अलावा समाज में उसकी बदनामी हुई. साथ ही उसे 19 दिन जेल की सलाखों के पीछे भी रहना पड़ा. हालांकि, अब जब पीड़िता ने स्वीकार कर लिया है कि छेड़छाड़ की घटना महज एक सपना था. गलतफहमी और भ्रम में युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था, तो एयरफोर्स कर्मचारी को कोर्ट ने ससम्मान बरी कर दिया.