लैंबॉर्गिनी से 6 लोगों को रौंदने वाले शिवम मिश्रा ने कैसे खुद ही उलझाया केस?
कानपुर में लैंबॉर्गिनी से 6 लोगों को रौंदने वाले शिवम मिश्रा को कोर्ट ने 14 दिनों के न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है. हादसे के बाद से खुद को बचाने के लिए शिवम मिश्रा और उसके परिवार ने तमाम तरकीबें अपनाने की कोशिश की. लेकिन इन तरकीबो से शिवम की मुश्किलें और भी ज्यादा बढ़ गईं.
कानपुर के हाई प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी कार एक्सीडेंट मामले में आरोपी शिवम मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया है. अदालत ने शिवम को 14 दिनों के न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. शिवम को बचाने के लिए उसके परिवार की तरफ से भरसक कोशिशें हुईं. लेकिन कोई तरकीब काम नहीं आई. आखिरकार 4 दिनों बाद शिवम को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया.
पहले बनाई हार्ट अटैक की कहानी
08 फरवरी को तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा ने अपनी कानपुर के वीआईपी रोड पर 6 लोगों को रौंद डाला. हादसे के बाद पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर लिया. शिवम को अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस दौरान शिवम को हार्ट अटैक आने के चलते गाड़ी अनियंत्रित हुई, इसका परसेप्शन बनाने की कोशिश हुई. लेकिन इसको लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आ सकी. ऐसे में कहा जा रहा शिवम को बचाने के लिए ये अफवाह फैलाया गया था.
फिर बोला- शिवम की जगह ड्राइवर चला रहा था गाड़ी
जब हार्ट अटैक वाली कहानी काम नहीं आई तो आरोपी पक्ष ने कहा कि कार शिवम नहीं बल्कि ड्राइवर मोहन चला रहा था. इसके लिए मोहन ने कोर्ट में बकायदा अर्जी दाखिल करते हुए जमानत की मांग की. कोर्ट ने ड्राइवर मोहन की अर्जी खारिज कर दी और उसे आरोपी नहीं माना. कोर्ट ने कहा- पुलिस रिपोर्ट में आरोपी शिवम है, मोहन का कहीं नाम नहीं है.
पिता का दाव- हादसे के वक्त सो रहा था शिवम
उधर 10 फरवरी को शिवम मिश्रा के पिता और तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा ने भी दावा किया था कि हादसे के समय बेटा शिवम नहीं, बल्कि ड्राइवर मोहन गाड़ी चला रहा था. केके ने कहा, “शिवम उस वक्त सो रहा था. हादसे के बाद कार लॉक हो गई, जिससे बेटे की तबीयत बिगड़ गई. ठीक होने पर मैं खुद उसे थाने लेकर आऊंगा.” केके मिश्रा ने तब दावा किया था कि शिवम के दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती है.
पुलिस ने कहा- बीमारी के बहाने बचना चाहता है शिवम
मामले में पुलिस ने दावा किया था कि शिवम ही कार चला रहा था और वही आरोपी है. घटना के वक्त के वीडीयोज में भी साफ दिख रहा है बाउंसर्स शिवम को उठाकर कार से बाहर निकाल रहे है. पुलिस के मुताबिक शिवम बीमारी का बहाना बनाकर बचने का प्रयास कर रहा था. फिलहाल शिवम और उसके ड्राइवर दोनों की कहानी कोर्ट में फेल हो गई. खुद को बचाने के चक्कर में शिवम और उसके परिवार की तरकीबों ने खुद के सामने और मुसीबत खड़ी कर केस को उलझा दिया.