यूक्रेन ड्रोन हमले के 35 दिन बाद घर पहुंचेगा सागर का पार्थिव शरीर, परिवार की आंखें नम
कानपुर के मर्चेंट नेवी चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन हमले से मौत हो गई थी. वहीं, आज 35 दिन बाद सागर का पार्थिव शरीर वतन लौटेगा. परिवार अंतिम विदाई की तैयारी में जुटा है. नेवी ऑफिस का पार्थिव शरीर रूस से दिल्ली, फिर वहां से एंबुलेंस के जरिए कानपुर लाया जाएगा.
यूक्रेन के ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले कानपुर के मर्चेंट नेवी अधिकारी सागर गुप्ता का पार्थिव शरीर बुधवार को उनके पैतृक घर पहुंचने की उम्मीद है. करीब एक महीने से अधिक समय तक इंतजार और अनिश्चितता झेल रहे परिवार के लिए यह पल बेहद भावुक करने वाला है. घर में अंतिम विदाई की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और मोहल्ले के लोग भी परिवार का दुख बांटने के लिए साथ खड़े हैं.
शास्त्री नगर ऊंचा पार्क निवासी सागर गुप्ता मर्चेंट नेवी में चीफ ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे. वह 14 जून को अपने घर से ड्यूटी के लिए निकले थे. तुर्किए के रास्ते रूस पहुंचे सागर जिस कार्गो जहाज पर तैनात थे, उस पर 18 जुलाई को यूक्रेन की ओर से हुए ड्रोन हमले में उनकी मौत हो गई थी. इस दुखद खबर के बाद से परिवार लगातार उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहा था.
बुधवार शाम तक शव घर पहुंचने की संभावना
सोमवार को रूस स्थित भारतीय दूतावास ने परिवार को ई-मेल और व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दी कि पार्थिव शरीर भारत भेजने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. इसके बाद सागर के बड़े भाई मनीष गुप्ता और उनके साले शोभित मंगलवार रात दिल्ली पहुंच गए, जहां वे आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर पार्थिव शरीर को अपने साथ लेकर कानपुर आएंगे.
परिजनों के अनुसार, पार्थिव शरीर दिल्ली से एंबुलेंस के जरिए कानपुर लाया जाएगा और बुधवार शाम तक उसके घर पहुंचने की संभावना है. जिला प्रशासन ने भी इस दौरान हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया है. बताया गया कि जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर पार्थिव शरीर को सुरक्षित और सम्मानपूर्वक कानपुर लाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कराई गई है.
असमय मौत से पूरे शहर को लगा गहरा सदमा
सागर गुप्ता की असमय मौत ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे शहर को गहरे सदमे में डाल दिया है. रिश्तेदार, मित्र और परिचित लगातार परिवार के संपर्क में हैं और अंतिम दर्शन के लिए लोगों के पहुंचने की संभावना है. कई दिनों की प्रतीक्षा के बाद अब परिवार अपने बेटे को अंतिम विदाई देगा. यह पल जितना दर्दनाक है, उतना ही उन सभी के लिए भावुक भी, जिन्होंने सागर को करीब से जाना और उनके उज्ज्वल भविष्य के सपने देखे थे.