मोमोज खाने के हैं शौकीन? कानपुर में गंदगी मिलने पर 3 यूनिट सील; 115 किलो चटनी कराई गई नष्ट
कानपुर में खाद्य सुरक्षा टीम ने मोमोज की तीन यूनिट पर छापा मारा, जहां घोर गंदगी के बीच मोमोज और चटनी तैयार किए जा रहे थे. प्रशासन ने इन इकाइयों को सील कर दिया और लगभग 115 किलोग्राम संदिग्ध चटनी नष्ट की. इस कार्रवाई में मोमोज बेचने वाले ठेलों की भी जांच की गई.
अगर आप भी सड़क किनारे या दुकानों से मोमोज खाना पसंद करते हैं, तो यह खबर आपको सतर्क कर सकती है. शहर में चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कई ऐसे ठिकानों का खुलासा किया, जहां बेहद गंदगी के बीच मोमोज तैयार किए जा रहे थे. मोमोज के साथ परोसी जाने वाली चटनी भी अस्वच्छ हालात में रखी मिली. जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में तीन मोमोज निर्माणशालाओं का संचालन बंद करा दिया गया, जबकि करीब 115 किलोग्राम संदिग्ध चटनी नष्ट कराई गई.
कानपुर में खाद्य सुरक्षा टीम ने सबसे पहले केशव नगर, रावतपुर गांव स्थित आकाश मोमोज निर्माणशाला पर छापा मारा. इस दौरान वहां का नजारा चौंकाने वाला था. परिसर में साफ-सफाई का अभाव था और चटनी ऐसे स्थान पर रखी गई थी, जहां स्वच्छता के न्यूनतम मानकों का भी पालन नहीं हो रहा था. अधिकारियों ने चटनी का नमूना जांच के लिए लिया और लगभग 40 किलोग्राम चटनी को नगर निगम के वेस्ट डिस्पोजल यार्ड में नष्ट करा दिया. जब तक सभी कमियां दूर नहीं हो जातीं, तब तक यूनिट बंद रखने के निर्देश दे दिए गए.
श्री बालाजी मोमोज यूनिट पर लग गया ताला
इसके बाद टीम ने रावतपुर गांव स्थित श्री बालाजी मोमोज निर्माणशाला का निरीक्षण किया. यहां न केवल गंदगी मिली, बल्कि प्रतिष्ठान के पास खाद्य कारोबार के लिए जरूरी पंजीकरण भी नहीं था. रंगीन चटनी अस्वच्छ हालत में रखी मिली और मोमोज भी उसी वातावरण में तैयार किए जा रहे थे. विभाग ने मोमोज और चटनी के नमूने लिए. साथ ही करीब 45 किलोग्राम चटनी नष्ट कराई. पंजीकरण कराने और सभी खामियां दूर करने तक यूनिट का संचालन रोक दिया गया.
ठेलों पर बिक रहे रंगीन फिंगर चिप्स जानलेवा
साकेत नगर स्थित एक अन्य मोमोज निर्माणशाला में भी तस्वीर अलग नहीं थी. यहां भी गंदगी और लापरवाही सामने आई. टीम ने चटनी का नमूना लेकर करीब 30 किलोग्राम चटनी नष्ट कराई और निर्माणशाला को अगली सूचना तक बंद रखने का आदेश दिया. अभियान यहीं नहीं रुका. मसवानपुर क्षेत्र में मोमोज बेचने वाले कई ठेलों की भी जांच की गई.
जांच में कई ठेलों पर बिक रहे रंगीन फिंगर चिप्स और रंगीन चटनी गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों पर खरे नहीं उतरे. अधिकारियों ने इन्हें मौके पर ही नष्ट कराया और दुकानदारों को दोबारा ऐसी लापरवाही न करने की चेतावनी दी.
‘लोगों की सेहत के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं’
सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान लिए गए सभी नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि लोगों की सेहत के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
