गलती से मर गया मोनू! सबक सिखाने के लिए साथियों ने की थी मारपीट, ऐसे हुआ खुलासा

कानपुर पुलिस ने मोनू जायसवाल हत्याकांड का खुलासा किया है. मोनू के दो सहकर्मियों ने उसे सीनियर होने का रौब दिखाने व अभद्रता करने के कारण 'सबक सिखाने' के इरादे से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई. शराब के बहाने बुलाकर वे उसे शुक्लागंज ले गए और बेरहमी से मारपीट की. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

कानपुर में मोनू हत्याकांड का खुलासा Image Credit:

उत्तर प्रदेश के कानपुर में मोनू जायसवाल हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. यह वारदात मोनू के दो सहकर्मियों ने ही मिलकर अंजाम दिया था. मामले की जांच करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को गोरा कब्रिस्तान के पास से अरेस्ट कर लिया है. आरोपियों ने मोनू की हत्या के बाद उसके शव को शुक्लागंज में फेंक दिया था. अब पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका मकसद मोनू की हत्या का नहीं था.

आरोपियों ने बताया कि वो तो मोनू को डराना चाहते थे और सबक सिखाना चाहते थे. लेकिन मारपीट के दौरान ही उसकी मौत हो गई. कानपुर में कैंट थाना क्षेत्र में गोलाघाट के रहने वाला मोनू जायसवाल (34) बीते रविवार की शाम को घर से निकला था. लेकिन अगले दिन उसका शव उन्नाव के शुक्लागंज में मिला था. आरोपियों ने मोनू की पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे पर तेजाब डाल दिया था. इस मामले में मोनू के परिजनों ने गोलाघाट चौराहे पर शव रखकर खूब प्रदर्शन भी किया था.

पुलिस ने किया खुलासा

डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के मुताबिक दोनों आरोपियों को अरेस्ट कर वारदात का खुलासा कर दिया गा है. इनमें एक आरोपी पॉपेन पॉल मूल रूप से कोलकाता का रहने वाला है और अभी शुक्लागंज में रहता है. वहीं दूसरा शुक्लागंज के चंपापुरवा का रहने वाला अतीत वर्मा उर्फ कार्तिक बृजवासी है. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मोनू उनका सीनियर था और अक्सर उनके साथ अभद्रता करता था. सिमपोर्ट का पूरा ना होने पर बेइज्जत करता था. यहां तक कि बीसी की रकम जमा करने के लिए भी दबाव बनाता था.

शराब पीने के बहाने किया अगवा

आरोपियों कि उन दोनों ने मोनू की हत्या की साजिश एक महीने पहले ही रच ली थी. इसी साजिश के तहत उन लोगों शराब पीने के बहाने बुलाया और फिर शुक्लागंज गंगाघाट कोतवाली के मरहाला क्षेत्र में ले जाकर शराब के नशे में बुरी तरह से मारपीट की. इस दौरान मोनू की मौत हो गई तो आरोपी शव को फेंककर फरार हो गए. पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त फॉग स्प्रे, दो डंडे, मृतक का मोबाइल, शराब की बोतल, घटना में प्रयुक्त ऑटो और बाइक बरामद किया है.

परिवार के साथ ही घूम रहे थे आरोपी

पीड़ित परिवार और पुलिस को गुमराह करने के लिए दोनों आरोपी मोनू के परिवार के साथ ही घूम रहे थे. यहां तक कि थाने में मोनू की गुमशुदगी दर्ज कराने भी पहुंचे थे. हालांकि बाद में मोनू की पत्नी ने पॉपेन पर शक जाहिर किया तो उसने घर आना छोड़ दिया. इससे पुलिस को भी शक हुआ और हिरासत में लेकर पूछताछ की. इसमें आरोपियों ने वारदात को कबूल लिया है.

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