हत्या के बाद दातून बेचकर काटी फरारी, गोवा में रुका, रशियन संग बिताई रात… ऐसे पकड़ा गया रानू
कानपुर के हत्यारोपित रानू की फरारी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी. मुमताज की हत्या के बाद रानू ने दातून बेचकर सफर काटा, गोवा में एक रूसी युवती से दोस्ती की और क्रूज पर घूमा. पहचान बदलने और कई भाषाएं बोलने में माहिर रानू को आखिर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया.
कानपुर के साढ़ के देवसढ़ गांव में चचेरे भाई की हत्या के आरोपित सोहेल खान उर्फ रानू की फरारी की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. पुलिस के मुताबिक, कई भाषाएं बोलने में माहिर रानू ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जगह-जगह अपना हुलिया और पहचान छिपाई. पैसे खत्म हुए तो ट्रेन में सफर के दौरान दातून तक बेचने लगा.
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात देवसढ़ निवासी मुमताज की उसके चचेरे भाई रानू और उसके साथी आशीष उर्फ काशी ने घर में घुसकर हत्या कर दी थी. मामले में आशीष को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि रानू पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था. आखिरकार कई दिनों से फरारा रानू मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया.
पैसे खत्म हुए तो ट्रेन में बेचने लगा दातून
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी रानू हमीरपुर और चित्रकूट होते हुए लगातार ठिकाने बदलता रहा. चित्रकूट में पुलिस टीम उसकी तलाश में पहुंची भी, लेकिन बदले हुए हुलिए के कारण वह पुलिस की नजर से बच निकला. बताया गया कि उसने अपने बाल छोटे करा लिए थे और स्थानीय लोगों से स्थानीय बोली में बातचीत कर अपनी पहचान छिपाई.
पुलिसकर्मियों ने जब उसकी तस्वीर स्थानीय लोगों को दिखाकर पूछताछ की, तो बताया जाता है कि रानू ने स्थानीय बोली में बात करते हुए वहां से निकलने में कामयाबी हासिल कर ली. पुलिस के मुताबिक, फरारी के दौरान रानू के पास पैसे खत्म हो गए थे. ट्रेन का टिकट खरीदने के लिए भी रकम नहीं बची तो उसने दातून बेचकर सफर का खर्च जुटाया.
गोवा पहुंचा तो रूसी युवती से हुई दोस्ती
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के मुताबिक, इसके बाद वह गोवा पहुंचा. वहां भी उसने अपनी पहचान छिपाकर रहने की कोशिश की. रानू को रूसी भाषा समेत कई भाषाओं की जानकारी थी. पुलिस के मुताबिक, गोवा में उसकी मुलाकात रूस की एक युवती से हुई. उसने रूसी भाषा में बातचीत कर उससे दोस्ती कर ली और खुद को कारोबारी बताया.
दोनों क्रूज पर घूमे और एक होटल में भी साथ ठहरे. रानू ने एक विदेशी नागरिक से भी दोस्ती की और उसके जरिए काफी पैसे खर्च किए. बताया जाता है कि फरारी के दौरान उसने अपना मोबाइल फोन भी करीब चार हजार रुपये में बेच दिया था. इस बीच गोवा में उसकी लोकेशन मिलने के बाद पुलिस वहां पहुंची, लेकिन तब तक उसका फोन बंद हो चुका था.
कुंदौली मोड़ पर पुलिस से मुठभेड़, गिरफ्तार
इसके बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटानी शुरू की. बाद में एक वकील के जरिए पुलिस को जानकारी मिली कि रानू कानपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की तैयारी में है. इसके बाद पुलिस ने नजर रखनी शुरू की और 15 अगस्त की देर रात साढ़ के कुंदौली मोड़ के पास पुलिस ने आरोपी को घेर लिया.
पुलिस के मुताबिक, रानू ने बच निकलने की कोशिश की और मुठभेड़ के दौरान गोलीबारी हुई. जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान रानू ने कहा, ‘पैरों में नहीं, सीने में गोली मारो’. पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया है.