चटकारे के नाम पर सेहत से खिलवाड़! कानपुर में अचार फैक्ट्री पर छापा; यूनिट सील

कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. शहर की'श्रीकांत अचार वाले' फैक्ट्री पर छापा मारा, जहां हजारों किलो सड़ा कच्चा माल मिला. सेहत से खिलवाड़ कर बन रहे अचार के नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है और फैक्ट्री को सील कर दिया गया है.

कानपुर अचार फैक्ट्री पर छापा: हजारों किलो सड़ा माल मिला Image Credit:

कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए झकरकटी स्थित प्रसिद्ध अचार निर्माण इकाई ‘श्रीकांत अचार वाले’ पर छापा मारा. विभाग को पहले से सूचना मिली थी कि यहां बेहद अस्वच्छ माहौल में घटिया गुणवत्ता की सामग्री से अचार तैयार किया जा रहा है. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर का निरीक्षण किया.

जांच के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया. निर्माण स्थल पर चारों ओर गंदगी फैली हुई थी. कई जगह साफ-सफाई का अभाव दिखाई दिया और खाद्य पदार्थों को ऐसे वातावरण में रखा गया था, जो स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित नहीं माना जा सकता. कई सामग्री तो सड़ी थी जिसमें से बदबू भी आ रही थी.

पांच नमूने लिए, फिर पूरे स्टॉक को किया जब्त

अधिकारियों का कहना है कि अचार तैयार करने में इस्तेमाल की जा रही कुछ सामग्री की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं मिली. कार्रवाई के दौरान टीम ने जांच के लिए कुल पांच नमूने एकत्र किए. इनमें लाल मिर्च का 974 किलोग्राम अचार, जिसकी अनुमानित कीमत 1,07,140 रुपये है, हरी मिर्च का 599 किलोग्राम अचार, जिसकी कीमत 65,990 रुपये आंकी गई.

वहीं, आम का 449 किलोग्राम अचार, जिसकी कीमत 49,390 रुपये है, मिक्स अचार का 499 किलोग्राम स्टॉक, जिसकी कीमत 62,375 रुपये बताई गई, तथा कटहल का 539 किलोग्राम अचार, जिसकी कीमत 1,07,800 रुपये है, शामिल है. नमूने लेने के बाद पूरे स्टॉक को विभाग ने जब्त कर लिया. जबकि करीब 3,000 KG खराब और सड़ा हुआ कच्चा माल भी मिला.

करीब 2.40 लाख रुपये का सड़ा माल मिला

3,000 KG खराब और सड़ा कच्चा माल में गाजर, नींबू, आम, गोभी सहित अन्य सब्जियां और फल शामिल थे. इस सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 2.40 लाख रुपये बताई गई है. अधिकारियों के अनुसार यह कच्चा माल किसी भी हालत में खाद्य उपयोग के योग्य नहीं था. इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने पूरे परिसर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है.

अधिकारियों ने बताया कि खराब कच्चे माल को नष्ट करने की प्रक्रिया मंगलवार को पूरी कराई जाएगी. साथ ही, एकत्र किए गए नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा. रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन साबित होता है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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