3 रॉटविलर कुत्तों ने महिला को भभोड़ डाला, 30 जगह नोचा; तभी देवदूत बनकर आया डिलीवरी बॉय
कानपुर में तीन रॉटविलर कुत्तों ने एक 55 वर्षीय महिला पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे वह 30 से अधिक जगह से घायल हो गईं. महिला को कुत्तों ने बुरी तरह नोंच डाला. गनीमत रही कि एक डिलीवरी बॉय ने देवदूत बनकर समय रहते महिला की जान बचा ली. घटना शनिवार शाम की है. महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है.
उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक बार फिर रॉटविलर कुत्तों का आतंक देखने को मिला है. यहां चकेरी थाना क्षेत्र के फ्रेंड्स कॉलोनी में 3 रॉटविलर प्रजाति के खूंखार कुत्तों ने एक 55 वर्षीय महिला को बुरी तरह भभोड़ा डाला. इन कुत्तों ने महिला को दौड़ा-दौड़ाकर 30 से अधिक स्थानों से नोच खाया. खून से लथपथ महिला जान बचाने के लिए सड़क पर इधर से उधर भाग रही थी, लेकिन ये कुत्ते बार बार उसे घसीट दे रहे थे. गनीमत रही कि उसी समय एक डिलीवरी बॉय आ गया और इस महिला की जान बचा ली.
यह घटना शनिवार शाम की है. आनन फानन में महिला को अस्पताल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने महिला की हालत गंभीर बताई है. डॉक्टरों के मुताबिक यह ग्रेड-3 डॉग बाइट का मामला है. इसे बेहद गंभीर श्रेणी में माना गया है. जानकारी के मुताबिक पीड़ित महिला गीता (55) घाऊखेड़ा की रहने वाली हैं. वह शनिवार की शाम करीब 6:30 बजे अपनी सहेली नीलम के साथ कांग्रेस नेता अजय बिग के भाई अशोक बिग के घर किसी जमीन-जायदाद से जुड़े काम के सिलसिले में गई थीं.
कुत्तों ने अचानक किया हमला
जैसे ही पीड़िता ने अशोक विग के घर के भीतर कदम रखा, वहां मौजूद तीन रॉटविलर प्रजाति के कुत्तों ने उनके ऊपर हमला बोल दिया. इस हमले में महिला को अपने बचाव तक का मौका नहीं मिला. पीड़ित महिला की सहेली ने बताया कि यदि मदद मिलने में 10 मिनट की भी देरी हो जाती तो गीता की मौके पर ही मौत हो सकती थी. गनीमत रही कि उसी समय अशोक के घर सामान देने के लिए एक डिलीवरी बॉय आ गया और उसने देवदूत बनकर महिला की जान बचा ली.
ऐसे बची जान
डिलीवरी बॉय ने कुत्तों को हमला करते देख सूझबूझ से काम लिया. उसने सड़क पर पड़े ईंट पत्थर उठाकर कुत्तों के ऊपर फेंकना शुरू किया. इतने में सामने पार्क में क्रिकेट खेल रहे कुछ लड़के भी दौड़कर आए और बैट व स्टंप से कुत्तों को खदेड़ा. इसके बाद पड़ोस में रहने वाली महिला सीमा दीक्षित ने अपने दुपट्टे से गीता के लहूलुहान शरीर को ढंका और फिर उन्हें अस्पताल भेजा गया. सूचना मिलने पर गीता की बेटियां तेजस्वी और नवोदिता भी अस्पताल पहुंची और घटना पर आक्रोश प्रकट किया.
हमले को देखते रहे कुत्तों के मालिक
गीता की सहेली नीलम के मुताबिक कुत्तों के हमले के वक्त वह खुद डर गई थीं. कुत्तों को हमला करते उनके मालिक ने भी देखा, लेकिन किसी ने ना तो कुत्तों को रोकने की कोशिश की और ना ही महिला को बचाने का प्रयास किया. गीता के बेटियों ने इस संबंध में पुलिस में तहरीर दी है. पड़ोस में रहने वाले रतन गुप्ता ने बताया कि इन रॉटविलर कुत्तों का इलाके में लंबे समय से खौफ है. करीब छह महीने पहले भी इन कुत्तों ने एक 5 साल की बच्ची को नोच डाला था.