एक ही प्लॉट में बन सकेंगे दुकान और मकान, TOD नीति से बदल जाएगी कानपुर की सूरत; लेकिन कैसे?

केडीए की TOD नीति कानपुर में क्रांति ला रही है. अब मेट्रो कॉरिडोर के 500 मीटर दायरे में एक ही प्लॉट पर दुकान और मकान बनाना संभव है. इससे आय के नए स्रोत और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. यह नीति शहर के विकास को गति देगी, ट्रैफिक कम करेगी और कानपुर को आधुनिक, टिकाऊ शहर बनाएगी.

कानपुर मेट्रो (फाइल फोटो) Image Credit:

कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) की ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति से शहर की सूरत बदलने लगी है. इस नीति से शहर के मेट्रो कारिडोर को नई ऊंचाइयों पर जाने की संभावना है. यसह नीति मेट्रो ट्रैक के दोनों ओर 500 मीटर के दायरे में फैले करीब 100 मुहल्लों के निवासियों के लिए यह नीति वरदान साबित हो रही है. इस नीति के तहत एक ही भूखंड में आवासीय और व्यावसायिक निर्माण संभव कर दिया गया है. इससे न केवल आय के नए स्रोत खुलेंगे, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. केडीए बोर्ड ने संबंधित प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दे दी है. अब मास्टर प्लान 2031 के तहत इसे अमल में लाया जा रहा है.

टीओडी जोन के अंतर्गत मेट्रो कारिडोर के दोनों तरफ 500-500 मीटर का क्षेत्र विकसित किया जा रहा है. इसमें कुल 2.07 करोड़ वर्गमीटर भूमि शामिल है. पहले यचहां फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) महज 1.5 था, अब विकसित क्षेत्रों में इसे 4 और अविकसित इलाकों में 5 तक बढ़ा दिया गया है. इसका मतलब है कि ऊंची-ऊंची इमारतें बन सकेंगी, जो शहर की स्काईलाइन को बदल देंगी. वर्तमान में भू-उपयोग परिवर्तन में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन आवासीय क्षेत्रों में 70 प्रतिशत हिस्सा आवास के लिए और शेष 30 प्रतिशत व्यावसायिक या मिश्रित उपयोग के लिए उपलब्ध होगा.

पहले कॉरिडोर में आए 11 आवेदन

मेट्रो का पहला कारिडोर आईआईटी से नौबस्ता तक फैला है. इसमें गूबागार्डन, आईआईटी, नानकारी, कल्याणपुर, विकासनगर, शारदानगर, गीतानगर, सर्वोदयनगर, काकादेव, रावतपुर, मोतीझील, जीटी रोड, गुमटी नंबर पांच, स्वरूपनगर, तिलकनगर, आर्यनगर, बेनाझाबर, चुन्नीगंज, हर्षनगर, नवीन मार्केट, बड़ाचौराहा, परेड, फूलबाग, नयागंज, घंटाघर, सुतरखाना, हरबंश मोहाल, कैनाल पटरी, माल रोड, झकरकटी, ट्रांसपोर्ट नगर, बाराहदेवी, किदवई नगर, बसंत बिहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता जैसे मुहल्ले शामिल हैं. इन इलाकों में करीब 20 हजार से अधिक मकान इस दायरे में आते हैं. टीओडी स्कीम के तहत अब तक 11 लोगों ने नक्शा स्वीकृति के लिए आवेदन किया है.

दूसरे कॉरिडोर में भी मिलेगा लाभ

मेट्रो का दूसरा कारिडोर सीएसजेएमयू से कल्याणपुर की ओर जाता है. इसमें काकादेव, डबल पुलिया, विजयनगर, शास्त्री नगर, गोविंद नगर, साकेत नगर, निराला नगर, बर्रा दो से आठ तक, शास्त्री चौक बर्रा, महादेव नगर, विश्व बैंक, जरौली, दामोदर नगर, फजलगंज, सीटीआई और दादा नगर जैसे मुहल्ले हैं. यहां भी 70 प्रतिशत आवासीय और 30 प्रतिशत मिश्रित निर्माण की अनुमति है. साथ ही कई इलाकों को व्यावसायिक जोन में तब्दील किया जाएगा.

ट्रैफिक जाम से भी मिलेगी राहत

यह नीति कानपुर को एक आधुनिक, सस्टेनेबल शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. जानकारों के अनुसार इससे न केवल ट्रैफिक जाम कम होगा बल्कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ेगा. हालांकि, कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि एफएआर बढ़ने से पर्यावरण पर असर पड़ सकता है. हालांकि केडीए का दावा है कि सभी निर्माण पर्यावरण अनुकूल होंगे. आने वाले वर्षों में यह योजना कानपुर की आर्थिक वृद्धि को नई गति देगी. शहरवासी अब मेट्रो के साथ-साथ विकास की नई पटरी पर सवार होंगे.