कई हिंदू लड़कियों के संपर्क में था डॉ. रमीज, मोबाइल से न्यूड तस्वीरें और चैट्स मिले

केजीएमयू लव जिहाद केस में रोजाना बड़े खुलासे हो रहे हैं. पुलिस को रमीज मलिक के मोबाइल फोन से कई महिला डॉक्टरों के साथ की चैट मिली है. साथ ही कई न्यूड तस्वीरें भी बरामद हुई हैं. इसके अलावा उसके मोबाइल से जाकिर नाईक के भी कई वीडियो भी मिले हैं.

लव जिहाद का आरोपी डॉक्टर रमीज मलिक

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में लव जिहाद और धर्मांतरण केस की अब परत-दर-परत खुल रही है. यौन शोषण, जबरन धर्मांतरण और संभावित संगठित रैकेट के आरोपी डॉ. रमीज उद्दीन नायक उर्फ रमीज मलिक की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां अब उसके खातों में हुए संदिग्ध लेनदेन की जांच कर रही हैं. अभी तक की जांच में सामने आया है कि लाखों रुपये दिल्ली, आगरा, उत्तराखंड, पीलीभीत और पूर्वांचल के विभिन्न शहरों से उसके खातों में ट्रांसफर हुए थे.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये रकम धर्मांतरण गिरोह से जुड़े लोगों द्वारा भेजी गई थी. फरारी के 18 दिनों के दौरान डॉ. रमीज ने न केवल विभिन्न ठिकानों पर छिपकर रहकर फंड जुटाए, बल्कि महंगे वकीलों की फीस और अन्य खर्चों के लिए भी इन पैसों का इस्तेमाल किया. पुलिस का मानना है कि यह फंडिंग प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ी हो सकती है, जिसमें PFI जैसे नाम भी जांच के दायरे में हैं. आरोपी रमीज के पिता सलीमुद्दीन पहले ही गिरफ्तार हैं.

जाकिर नाईक की तकरीर सुनता था रमीज

केजीएमयू धर्मांतरण मामले में पुलिस को आरोपी रमीज मलिक के मोबाइल फोन से कई अहम चैट्स पुलिस बरामद हुई हैं, जो कथित तौर पर धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों की ओर इशारा करती हैं. पुलिस जांच में आरोपी के मोबाइल से जाकिर नाईक के कई वीडियो भी मिले हैं, जिन्हें वह नियमित रूप से सुनता और देखता था. मोबाइल डेटा की जांच के दौरान न्यूड तस्वीरें भी बरामद हुई हैं. साथ ही कई महिला डॉक्टरों के साथ की गई चैट सामने आई है.

कई हिंदू लड़कियों से बातचीत करता था

पुलिस को पीड़िता के अलावा कई अन्य हिंदू लड़कियों के साथ की गई बातचीत भी मिली है, जिससे यह संकेत मिलता है कि आरोपी एक से अधिक महिलाओं के संपर्क में था. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब आरोपी के संपर्क में रही अन्य महिलाओं से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है. पुलिस नें सभी चैट्स रिकार्ड्स को फॉरेन्सिक के लिए भेजा है.

रमीज की संपत्तियों का ब्यौरा जुटा रही है एजेंसी

इसके साथ ही पुलिस अब डॉ. रमीज और उसके परिजनों की संपत्ति का ब्यौरा जुटा रही है. संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें लखनऊ के फ्लैट, पीलीभीत में पैतृक घर और उत्तराखंड की संपत्तियां शामिल हैं. खुफिया एजेंसियां आरोपी के जम्मू-कश्मीर यात्राओं, नेपाल कनेक्शन और विदेशी फंडिंग की आशंका पर गहराई से छानबीन कर रही हैं.

क्या है पूरा मामला

पिछले साल दिसंबर में KGMU की एक जूनियर महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई. पीड़िता ने आरोप लगाया कि डॉ. रमीज ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया, गर्भपात करवाया और जबरन इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया. विशाखा कमेटी ने जांच में आरोपी को दोषी पाया, जिसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया और कैंपस में एंट्री प्रतिबंधित कर दी गई. इस दौरान डॉ. रमीज 18 दिनों तक फरार रहा. वह लखनऊ में ही छिपा था.

पुलिस का दावा है कि फरारी के दौरान कई लोगों ने उसे संरक्षण दिया, जिनमें कुछ डॉक्टर और संदिग्ध संगठनों के सदस्य शामिल थे. डॉ. रमीज के लखनऊ से गिरफ्तार होने के बाद से ही जांच ने नया मोड़ ले लिया. अब पूरा मामला धर्मांतरण के बड़े रैकेट से जुड़ता दिख रहा है. फिलहाल इस मामले की जांच एसटीएफ कर रही है.