परिसीमन बिल पर बोले अखिलेश यादव- नारी को नारा बनाना चाहती है BJP
आज गुरुवार यानी 16 अप्रैल को परिसीमन बिल और महिला आरक्षण बिल संसद में हंगामेदार चर्चा हुई. इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी की मंशा आरक्षण देने की कतई नहीं है. बिना परिसीमन और जनगणना के महिला आरक्षण को तय करना महिलाओं के साथ धोखा है. सच तो ये है बीजेपी जातीय जनगणना टालना चाहती है. जातीय आंकड़े सामने आएंगे, तो बीजेपी पर आरक्षण की वास्तविक मांग और दबाव बढ़ेगा.
लोकसभा में गुरुवार यानी 16 मार्च को को संसद के विशेष सत्र के दौरान परिसीमन बिल और महिला आरक्षण बिल पर हंगामेदार चर्चा हुई. इस चर्चा में अखिलेश यादव ने भी हिस्सा लिया. उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा अब नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही है. अखिलेश ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा तो वह उनके मान-सम्मान के लिए आप क्या करेंगे.
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) महिला आरक्षण के पक्ष में हैं. हमारा इतिहास रहा है कि हमने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया. डॉक्टर लोहिया ने हमेशा जेंडर जस्टिस और सोशल जस्टिस की बात की है. महिलाओं का आरक्षण 33% हो, इसके पक्ष में हम है. अखिलेश यादव ने कहा कि महिला आरक्षण हमारे PDA के आवाहन को मजबूत करता है. लेकिन हमें बीजेपी की जल्दीबाजी पर शक हो रहा है.
अखिलेश बोले- बीजेपी जातीय जनगणना टालना चाहती है
अखिलेश यादव ने आगे कहा कि सपा ने उत्तर प्रदेश के पंचायत में महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा आरक्षण लागू करने का काम किया. हम महिला आरक्षण के पक्ष में है. लेकिन हमें यह जानना है कि भाजपा को इतनी जल्दी क्यों है. बिना परिसीमन और जनगणना के महिला आरक्षण को तय करना महिलाओं के साथ धोखा है. बीजेपी यह महिला आरक्षण 2011 के डेटा के आधार पर लागू करना चाहती है. सच यह हैकि बीजेपी जनगणना को टालना चाहती है, क्योंकि वे आरक्षण देना नहीं चाहते हैं.
बीजेपी की मंशा महिला आरक्षण देने की नहीं है-अखिलेश
अखिलेश यादव बोले जातीय जनगणना के बाद जातीय आंकड़े सामने आएंगे, तो आरक्षण की वास्तविक मांग और दबाव बढ़ेगा. भाजपा इसलिए टालना चाहती है. इसलिए महिला आरक्षण को परिसीमन और जनगणना से जोड़कर इसे लागू करने में देरी की जा रही है. इससे साफ संकेत मिलता है कि बीजेपी की मंशा आरक्षण देने की नहीं, बल्कि उसे टालने की है.
बीजेपी के कितनी महिला मुख्यमंत्री बनी हैं- अखिलेश
अखिलेश यादव ने बीजेपी से सवाल किया कि जिस पैरेंटल संगठन से आप निकले हैं उसमें कितनी नारी हैं? यह बता दीजिए आपकी 21 जगह सरकारें हैं. बीजेपी के कितनी महिला मुख्यमंत्री बनी हैं. अखिलेश यादव ने दिल्ली की चीफ मिनिस्टर रेखा गुप्ता पर भी टिप्पणी करते हुए उन्हें हॉफ CM बता दिया है. उन्होंने कहा बीजेपी से सवाल किया कि एक मुख्यमंत्री के पास जितने अधिकार हैं, क्या दिल्ली की मुख्यमंत्री के पास उतने अधिकार हैं. पूरे देश के विधायकों में आपकी पार्टी की महिला विधायकों की संख्या 10 फीसदी भी नहीं है.
हमें बीजेपी की मंशा पर पहले से ही शक-अखिलेश
अखिलेश ने कहा कि हमें बीजेपी की मंशा पर पहले ही शक हो चुका है. इनकी रणनीति का भंडाफोड़ SIR के जरिए हो चुका है. जब पहली गिनती में विपक्ष वोट बचाने में सफल हुआ, तो भाजपा फॉर्म 7 लेकर आई और उसे बड़े पैमाने पर बांटना शुरू किया गया. ताकि विपक्ष का वोट काटा जा सके. जब हमने ये भी पकड़ लिया तो फॉर्म-7 का संदिग्ध इस्तेमाल किया गया. चुनाव आयोग से शिकायत की लेकिन वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.