अखिलेश का ट्वीट-हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें, किधर है उनका इशारा?
बंगाल में ममता बनर्जी और तामिलनाडु से एमके स्टालिन को सत्ता से विदाई हो गई है. चुनावी नतीजों के बाद पहली बार गुरुवार को अखिलेश दोनों नेताओं से मिलने पहुंचे थे. अब अखिलेश ने दोनों नेताओं की तस्वीर के साथ X पर एक पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा है कि 'हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें'.
पांच राज्यों के चुनावी परिणाम आने के बाद इंडिया गठबंधन को सबसे बड़ा झटका पश्चिम बंगाल और तामिलनाडु में लगा है. बंगाल में 15 सालों बाद ममता बनर्जी की सत्ता से विदाई हो गई है. वहीं, तामिलनाडु में एमके स्टालिन की पार्टी डीएमके की भी रुखसती हो गई है. दोनों ही नेता अपनी खुद की सीट बचाने में भी नाकामयाब हुए.
चुनावी परिणाम आने के बाद अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी से कॉल पर बात की थी. गुरुवार को वह उनसे मिलने कोलकाता भी पहुंचे थे. उन्होंने ममता बनर्जी से कहा आप हारी नहीं हैं. अखिलेश यादव ने इसके बाद एमके स्टालिन से भी मुलाकात की. अब अखिलेश ने दोनों नेताओं की तस्वीर के साथ X पर एक पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा है कि ‘हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें’.
अखिलेश की पोस्ट का किसकी तरफ इशारा
अखिलेश यादव के इस पोस्ट के बाद राजनीतिक पंडित यह अंदाजा लगाने की कोशिश कर हैं कि उनका इशारा किसकी तरफ है. इसके अलावा यह पोस्ट साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. कई विशेषज्ञों का कहना है कि अखिलेश का यह इशारा कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की अन्य पार्टियों को लेकर है. दरअसल, लोकसभा चुनाव सपा और कांग्रेस ने मिलकर लड़ा था. ऐसे में माना जा रहा है विधानसभा चुनाव भी दोनों पार्टियां साथ में ही लड़ेंगी. साथ ही राष्ट्रीय राजनीति के समीकरण भी अपने पक्ष में करने की अखिलेश की यह नई कोशिश हो सकती है.
बीजेपी पर अखिलेश ने कई गंभीर आरोप लगाए
बंगाल में ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद अखिलेश ने बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र को कमजोर कना चाहती है. लोकतंत्र को इतना नुकसान किसी ने नहीं पहुंचाया होगा, जितना भाजपा ने पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि यहां मतदान हुआ जरूर है, लेकिन लोगों ने अपनी इच्छा से कम, दबाव में ज्यादा मतदान किया है.
अखिलेश ने यूपी उपचुनाव का किया जिक्र
अखिलेश ने कहा कि बीजेरी में बंगाल में लोकतंत्र के साथ जो किया, उसका ट्रायल यूपी में ही किया था. उन्होंने 2024 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव की कुछ तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि उस दौरान फोर्स लगाकर लोगों को वोट डालने से रोका गया था. लोगों को चिह्नित कर करके वोट नहीं डालने दिया गया था. जो समाजवादी पार्टी के वोटर थे, उन्हें वोट डालने से रोका गया.