‘सरकार जनगणना को टालना चाहती है’… महिला आरक्षण बिल के नाम अखिलेश ने BJP पर साधा निशाना

महिला आरक्षण बिल को लेकर अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, आरक्षण देना सरकार की नीयत में नहीं है, महिलाओं का क्षेत्र बनाया नहीं और आरक्षण की तैयारी कर रहे है, भाजपा के लोग मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए जल्दबाजी में आरक्षण की बात कर रहे हैं. बिना नई जनगणना और परिसीमनके यह आरक्षण महिलाओं के साथ धोखा है, जो 2011 के पुराने आंकड़ों पर आधारित है.

अखिलेश यादव ( फाइल फोटो) Image Credit:

केंद्र सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक (महिला आरक्षण बिल) को ला रही है. इसे पास कराने के लिए संसद के बजट सत्र को तीन दिनों के लिए और बढ़ा दिया गया है. सरकार चाहती है कि 2029 लोकसभा चुनाव से पहले महिला आरक्षण कानून लागू हो जाए. विपक्षी दल द्वारा इस बिल का खुले तौर पर विरोध तो नहीं किया जा रहा है, लेकिन इसकी टाइमिंग पर उनकी तरफ से सवाल उठा रहे हैं. विपक्षी दलों का कहना है कि बिना नई जनगणना और परिसीमन के यह आरक्षण महिलाओं के साथ धोखा है, जो 2011 के पुराने आंकड़ों पर आधारित है.

आरक्षण देना सरकार की नीयत में नहीं-अखिलेश

महिला आरक्षण पर अखिलेश यादव ने अपने एक बयान कहा, आरक्षण देना सरकार की नीयत में नहीं है, महिलाओं का क्षेत्र बनाया नहीं और आरक्षण की तैयारी कर रहे है, भाजपा के लोग मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए जल्द बाजी में आरक्षण की बात कर रहे हैं, महिलाओं के लिए कोई काम नहीं किया है, बिना क्षेत्र तय किए कौन चुनाव लड़ेगा. अब अखिलेश ने इसको लेकर एक ट्वीट भी किया है. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर ये जल्दीबाज़ी बता रही है कि अब भाजपा जा रही है.

भाजपा जनगणना को टालना चाहती है-अखिलेश

उन्होंने आगे कहा कि सच तो ये है कि भाजपा जनगणना को टालना चाहती है क्योंकि जनगणना होगी तो जातिगत जनगणना की भी बात उठेगी और फिर आरक्षण की भी, जो भाजपा और उनके संगी-साथी कभी भी देना नहीं चाहते हैं.भाजपा को ये भी अच्छी तरह याद है कि ‘पीडीए’ में ‘ए’ का मतलब ‘आधी आबादी’ अर्थात् महिला भी है.ये बिल पीडीए का हक़-अधिकार मारने की एक बड़ी साज़िश का हिस्सा है.

‘भाजपा की कलई खुलने लगी है’

अखिलेश ने कहा किएक बड़ा चुनावी सच ये भी है कि भाजपा की चुनावी घपलेबाजी का अब पूरी तरह से भंडाफोड़ हो गया है.‘पीडीए प्रहरी’ एक विचार की तरह हर प्रदेश और हर दल ने स्वीकार कर लिया है.भाजपा पर चौकन्नी नज़र रखी जा रही है, इसीलिए अब भाजपा को चुनावी हेराफेरी का कोई और मौका आसानी से नहीं मिलेगा और सच्चे वोट ही, चुनाव का सच्चा नतीजा तय करेंगे.अब हर तरह से भाजपा की कलई खुल गयी है, इसीलिए उसके समर्थक और वोटरों का अकाल पड़ गया है.भाजपा निराशा के इस दौर से उबरने के लिए ये बिल ला रही है.

‘भाजपा की यही राजनीतिक चाल रहती है’

अखिलेश ने कहा कि भाजपा की यही राजनीतिक चाल रहती है जब पुराने लोग ये समझ जाते हैं कि भाजपा किसी की सगी नहीं है तो हर बार भाजपा कुछ नये लोगों को अपने लुभावने जुमलों में फँसाती है.इस बार भाजपा महिलाओं को लेकर ये पुरानी चाल चल रही है लेकिन सफल नहीं होगी क्योंकि भाजपा राज में सबसे ज़्यादा दुखी तो महिलाएं ही हैं.भाजपा की कमीशनखोरी व चंदा वसूली की वजह से जो महंगाई बढ़ी है उससे उनकी रसोई सूनी हो गयी है, रही-सही कसर सिलेंडर की बेतहाशा बढ़ती क़ीमतों ने पूरी कर दी है.

अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में यह भी कहा कि हर महिला अपने बच्चों को पढ़ाना चाहती है लेकिन भाजपा की शिक्षा विरोधी सोच तो सरकारी स्कूल तक बंद करवा दे रही है.महिलाओं का दर्द क्या होता है ये मेरठ के दुकानदारों के परिवार की महिलाओं की आँखों में आए आँसू भी बयां कर रहे हैं और नोएडा की मजदूर और मेड के रूँधे गले के बयान भी.अगर ये बिल इतना ही सही है तो इसे मेरठ-नोएडा की पारिवारिक और कामगार महिलाओं के बीच बैठकर घोषित किया जाए.

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