’20 हजार जुमला’, BJP पर तंज कसते हुए अखिलेश का ऐलान- हम महिलाओं को देंगे 40 हजार

महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की योगी सरकार की संभावित योजना को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधा है. अखिलेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में इसे भाजपा का एक और जुमला बताते हुए कहा कि चुनाव से पहले महिलाओं को 20 हजार रुपये देने की बात की जा रही है. उन्होंने 50 हजार रुपये सालाना के हिसाब से 10 वर्षों में 5 लाख रुपये का हिसाब जोड़ते हुए भाजपा पर महिलाओं के हक का 96 फीसदी हिस्सा रोकने का आरोप लगाया. अखिलेश ने कहा कि सपा सरकार बनने पर महिलाओं के लिए 40 हजार रुपये से शुरुआत की जाएगी और हर साल इसमें बढ़ोतरी होगी.

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की योगी सरकार की संभावित योजना को लेकर तीखा हमला बोला है. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसे भाजपा का एक और जुमला बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए पैसे के अलावा कुछ नहीं बचा है और अब महिलाओं को 20 हजार रुपये देने की बात की जा रही है.

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में दावा किया कि भाजपा सरकार पिछले 10 वर्षों में महिलाओं के हिस्से के 5 लाख रुपये दे सकती थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. उन्होंने कहा कि अब चुनाव से पहले सिर्फ 20 हजार रुपये देने की बात करके महिलाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है.

अखिलेश ने कहा कि 50 हजार रुपये सालाना के हिसाब से अगर पिछले 10 साल का हिसाब लगाया जाए तो महिलाओं के हिस्से में 5 लाख रुपये आते हैं. उनके मुताबिक, 20 हजार रुपये इस राशि का सिर्फ 4 फीसदी है. इसी गणित के आधार पर उन्होंने भाजपा पर महिलाओं के अधिकार के 96 फीसदी हिस्से को डकारने का आरोप लगाया.

‘भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए पैसे के सिवा कुछ नहीं बचा’

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट की शुरुआत भाजपा पर सीधा हमला करते हुए की. उन्होंने लिखा कि भाजपा का एक और जुमला सामने आया है कि उत्तर प्रदेश की महिलाओं को 20 हजार रुपये दिए जाएंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए पैसे के अलावा कुछ नहीं बचा है. अखिलेश ने इसे भाजपा की कथित ‘पाप की कमाई’ बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की धर्मभीरु महिलाएं इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगी.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की जागरूक महिलाएं भाजपा से दूसरे राज्यों में लागू की गई महिला केंद्रित योजनाओं को लेकर सवाल पूछ रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में महिलाओं को पैसे देने की घोषणा करके चुनाव जीते गए, वहां बाद में सरकारें पैसा देने में आनाकानी कर रही हैं. अखिलेश ने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों में महिलाओं से पैसे वापस मांगे जा रहे हैं और जो महिलाएं पैसे वापस नहीं कर पा रही हैं, उनके खिलाफ पुलिस, मुकदमे और थाने-कचहरी की कार्रवाई की जा रही है.

‘10 साल में दे सकते थे 5 लाख रुपये’

अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर महिलाओं के आर्थिक अधिकारों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा किया. उन्होंने लिखा कि आज भाजपा सरकार 50 हजार रुपये सालाना देने की बात कर रही है, लेकिन यह पैसा पिछले 10 वर्षों में भी दिया जा सकता था. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की महिलाओं के हक-अधिकार के हजारों करोड़ रुपये उनके प्रचार पर खर्च किए गए. अखिलेश के मुताबिक, अगर 50 हजार रुपये हर साल के हिसाब से गणना की जाए तो 10 वर्षों में यह रकम 5 लाख रुपये हो जाती है.

‘20 हजार यानी 5 लाख का सिर्फ 4 फीसदी’

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में पूरा राजनीतिक हमला एक गणित के जरिए पेश किया. उन्होंने कहा कि 50 हजार रुपये सालाना के हिसाब से 10 साल में 5 लाख रुपये होते हैं। इसके मुकाबले 20 हजार रुपये केवल 4 फीसदी हैं. अखिलेश ने लिखा कि इसका मतलब भाजपा ने महिलाओं के हक का 96 फीसदी हिस्सा अपने पास रख लिया. इसी के साथ उन्होंने भाजपा के ‘80:20’ वाले राजनीतिक विमर्श पर तंज कसते हुए कहा कि 80:20 की बात करने वालों ने अब 96:4 करके भ्रष्टाचार का ‘सुपर रिकॉर्ड’ बना दिया है.

‘15 लाख छोड़ दें तो भी 4.80 लाख का बकाया’

अखिलेश यादव ने अपने बयान में भाजपा के पुराने चुनावी वादों पर भी तंज कसा. उन्होंने लिखा कि अगर भाजपा के ‘जुमले वाले 15 लाख रुपये’ को छोड़ भी दिया जाए और चुनाव में भाजपा 20 हजार रुपये देती भी है, तब भी जनता का भाजपा सरकार पर 4 लाख 80 हजार रुपये का बकाया निकलता है. अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में भाजपा के संगठन और कार्यकर्ताओं को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि जनाक्रोश के डर से भाजपा के नेता, संगी-साथी, कार्यकर्ता और समर्थक भूमिगत हो गए हैं.

अखिलेश ने मंदिर में चोरी और बच्चों पर हमले जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया और भाजपा पर नैतिकता और साहस खोने का आरोप लगाया. उन्होंने यहां तक दावा किया कि अब भाजपा से कोई टिकट भी नहीं लेना चाहता. उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में भाजपा अब पैसे का सहारा ले रही है.

‘हम 40 हजार से करेंगे शुरुआत’

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट के आखिर में समाजवादी पार्टी की ओर से बड़ा राजनीतिक संकेत भी दिया. उन्होंने लिखा,‘हम 40000 से करेंगे शुरुआत, जिसमें ‘बढ़ोतरी’ होगी हर साल! यानी अखिलेश यादव ने संकेत दिया कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो महिलाओं के लिए 40 हजार रुपये से आर्थिक सहायता की शुरुआत की जा सकती है और इसमें हर साल बढ़ोतरी की जाएगी.

यह बयान महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि इससे महिला मतदाताओं के लिए भाजपा की संभावित योजना के मुकाबले सपा का अपना आर्थिक प्रस्ताव सामने आता है. अगर भाजपा की तरफ से 20 हजार रुपये की पहली सहायता या 50 हजार रुपये तक की प्रस्तावित योजना सामने आती है, तो सपा अब उसके मुकाबले 40 हजार रुपये से शुरुआत करने का दावा कर रही है.

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