जिस बिल्डिंग में जलकर मरे थे 15 लोग, अब उसके मालिक से वसूला जाएगा 26 लाख; क्यों?
अलीगंज अग्निकांड के बाद अवैध भवन के ध्वस्त कर दिया गया है. इसमें बुलडोजर एक्शन पर कुल ₹26.14 लाख का खर्च आया है. एलडीए अब भवन स्वामी से इसका पूरा खर्च वसूलेगा. एलडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर यह रिकवरी नोटिस तैयार की गई है. यह कदम अवैध निर्माण पर सख्ती का संकेत है.
अलीगंज अग्निकांड में ध्वस्त किए गए अवैध व्यावसायिक भवन को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बड़ी कार्रवाई की है. एलडीए अब भवन को गिराने में हुए पूरे खर्च की वसूली भवन स्वामी से करेगा. प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण पर आए 26 लाख 14 हजार 212 रुपये का खर्च निर्धारित करते हुए रिकवरी नोटिस तैयार कर लिया है.
प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार ने बताया कि वीरेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र शुक्ला और अन्य द्वारा अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या एमएस-102 पर नियमों के विपरीत भवन का निर्माण कराया गया था. इसी अवैध इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद 25 जुलाई 2026 को LDA ने भवन को ध्वस्त कर दिया था.
बिल्डिंग गिराने का पूरा खर्च मालिक से होगा रिकवर
माधवेश कुमार ने बताया कि भवन गिराने और मलबा हटाने के लिए जेसीबी, पोकलेन, ड्रिल मशीन, डंपर समेत कई मशीनों का उपयोग किया गया. इसके अलावा श्रमिकों की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक प्रबंधों पर भी खर्च हुआ, जिसका वहन एलडीए ने किया. इन सभी मदों को जोड़कर कुल खर्च 26,14,212 रुपये निर्धारित किया गया है.
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर अभियंत्रण, विद्युत एवं यांत्रिक, सुरक्षा और जनसंपर्क अनुभाग ने ध्वस्तीकरण में हुए खर्च का आकलन किया. इसके आधार पर रिकवरी नोटिस तैयार किया गया है. एलडीए के अनुसार, अवैध निर्माण को ध्वस्त करने का खर्च संबंधित भवन स्वामी से वसूलने की व्यवस्था पहले से लागू है.
भवन पर चस्पा की गई नोटिस में भी था इसका जिक्र
एलडीए ने यह भी बताया कि खर्च संबंधित वसूली का उल्लेख ध्वस्तीकरण आदेश के दौरान भवन पर चस्पा की गई नोटिस में भी किया गया था. अब उसी के आधार पर भवन स्वामी को रिकवरी नोटिस जारी किया जाएगा. एलडीए का साफ कहना है कि अगर मकान मालिक यह राशि जमा नहीं करता है तो उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.