लखनऊ: अल्लूपुर में जल निगम टीम को बनाया बंधक, छुड़ाने पहुंचे प्रधान परिवार पर भी हमला; FIR
काकोरी थाना इलाके में पेयजल योजना विवाद गहरा गया है. पाइपलाइन मरम्मत करने गई जल निगम टीम को पूर्व प्रधान ने बंधक बनाया. छुड़ाने गए मौजूदा प्रधान परिवार से भी मारपीट की गई. दोनों पक्षों ने एफआईआर दर्ज कराई है. घटना से क्षेत्र में भय का माहौल है और मरम्मत कार्य रुका हुआ है.
लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के अल्लूपुर ग्राम पंचायत में पेयजल योजना के तहत पाइपलाइन की मरम्मत को लेकर विवाद सामने आया है. आरोप है कि पानी की टंकी के पास लीकेज ठीक करने पहुंची जल निगम की टीम को कुछ ग्रामीणों ने बंधक बना लिया. टीम को छुड़ाने पहुंचे ग्राम प्रधान के परिवार के साथ भी गाली-गलौज और मारपीट की गई.
जल निगम के सहायक अभियंता सुरेंद्र प्रताप सिंह की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, 22 अगस्त को पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत का काम चल रहा था. इसी दौरान पूर्व प्रधान कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचे. लेबर और सुपरवाइजर के साथ अभद्रता की और उनके फोन और मोटरसाइकिल अपने कब्जे में लेकर बंधक बना लिया.
डायल-112 पर सूचना के बाद पहुंची पुलिस
जल निगम की टीम को बंधक बनाए जाने की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई. मामले की सूचना 112 नंबर पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जल निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों को देर रात सुरक्षित बाहर निकाला गया. घटना के बाद कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है और पाइप लाइन लीकेज की मरम्मत का काम भी रुक गया.
कर्मचारियों ने बिना सुरक्षा के दोबारा गांव जाकर काम करने से भी इनकार कर दिया है. विभाग की ओर से काकोरी पुलिस से कर्मचारियों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई है, ताकि पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत का काम दोबारा शुरू कराया जा सके.
छुड़ाने पहुंचे प्रधान परिवार से भी मारपीट
जल निगम के अधिकारियों के बंधक बनाए जाने की सूचना उच्च अधिकारियों ने पूर्व प्रधान एवं वर्तमान प्रधान प्रतिनिधि दिनेश विश्वकर्मा को दी. उस समय प्रधान प्रतिनिधि के गांव में मौजूद नहीं होने पर उन्होंने अपने बड़े भाई प्रधान पति रमेश चंद्र को अधिकारियों-कर्मचारियों को छुड़ाने के लिए मौके पर जाने को कहा.
सूचना मिलते ही रमेश चंद्र अपनी पत्नी महिला प्रधान श्यामा, बेटे आलोक और भतीजे आदर्श के साथ मौके पर पहुंचे. आरोप है कि इसी दौरान पहले से रंजिश रखने वाले पूर्व प्रधान और उनके सहयोगियों ने दबंगों के साथ मिलकर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी. इसके बाद परिवार ने काकोरी थाने में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई है.
पुलिस सुरक्षा के बाद ही दोबारा होगा काम
जल निगम अधिकारी ने काकोरी थानाध्यक्ष से 25 अगस्त को सुबह 10 बजे टंकी के पास पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है. विभाग ने बताया कि पुलिस सुरक्षा मिलने के बाद शेष पाइप लाइन लीकेज मरम्मत का कार्य कराया जाएगा. मामले में एफआईआर के बाद अल्लूपुर गांव में पेयजल योजना के काम को लेकर विवाद गहरा गया है.
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों और आरोपों की जांच कर रही है. एक तरफ जल निगम की टीम को बंधक बनाए जाने और दूसरी तरफ अधिकारियों को छुड़ाने पहुंचे प्रधान परिवार से मारपीट के आरोपों ने पूरे मामले को तूल दे दिया है.
