11 साल बाद यूपी से विदा हुए IAS आंजनेय सिंह, 8वें एक्सटेंशन पर क्यों लगा ब्रेक?
यूपी की नौकरशाही में लंबे समय से चर्चा में रहे 2005 बैच के सिक्किम कैडर के IAS अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह की करीब 11 साल की प्रतिनियुक्ति खत्म हो गई है. 14 अगस्त 2026 को कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें आठवां एक्सटेंशन नहीं मिला. 2015 में यूपी आए आंजनेय सिंह को 2020 से 2025 के बीच सात बार सेवा विस्तार मिला था. रामपुर डीएम रहते आजम खान से टकराव के कारण वह खासे चर्चित हुए. मार्च 2021 से मुरादाबाद मंडलायुक्त रहे आंजनेय सिंह अब अपने मूल कैडर सिक्किम लौटेंगे.
उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में लंबे समय तक चर्चा में रहे 2005 बैच के सिक्किम कैडर के IAS अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह की यूपी में करीब 11 साल लंबी प्रतिनियुक्ति अब खत्म हो गई है. सात बार सेवा विस्तार हासिल करने वाले आंजनेय सिंह को इस बार आठवां एक्सटेंशन नहीं मिला. इसके साथ ही मुरादाबाद मंडल के मंडलायुक्त के तौर पर उनकी पारी भी समाप्त हो गई और अब उन्हें अपने मूल कैडर सिक्किम लौटना होगा.
आंजनेय सिंह की यूपी में प्रतिनियुक्ति की अवधि 14 अगस्त 2026 को पूरी हो गई थी. सातवें एक्सटेंशन के बाद उन्हें आगे सेवा विस्तार नहीं मिला. यही वजह है कि इस बार उनकी यूपी में वापसी के रास्ते भी फिलहाल बंद होते दिख रहे हैं. एक्सटेंशन न मिल पाने के कई कारण गिनाए जा रहे हैं, लेकिन सबसे बड़ा कारण बतौर कमिश्नर रहते हुए आंजनेय सिंह से जुड़ कई विवाद हैं. सूत्रों का यह भी दावा कि सत्ता पक्ष के कई नेता भी उनसे नाराज थे.
2015 में यूपी आए, लगातार बढ़ता गया कार्यकाल
आंजनेय कुमार सिंह 2015 में सिक्किम कैडर से प्रतिनियुक्ति पर उत्तर प्रदेश आए थे. शुरुआत में उनकी प्रतिनियुक्ति पांच साल के लिए हुई थी, लेकिन यूपी सरकार की जरूरत और अनुरोध पर उनका कार्यकाल लगातार बढ़ता गया. 2020 से 2025 के बीच उन्हें कुल सात बार सेवा विस्तार मिला. उनका एक्सटेंशन पैटर्न भी सामान्य नहीं रहा. 2020, 2021, 2022 और 2023 में उन्हें एक-एक साल का विस्तार मिला. 2024 में दो बार छह-छह महीने और 2025 में एक साल का एक्सटेंशन दिया गया. इस तरह करीब 11 साल तक वह यूपी की नौकरशाही का हिस्सा बने रहे.
रामपुर में आजम खान से टकराव ने दिलाई बड़ी पहचान
आंजनेय सिंह को सबसे ज्यादा चर्चा रामपुर के जिलाधिकारी के तौर पर मिली. 2019 में रामपुर डीएम के रूप में उनकी तैनाती के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई हुई. इसी दौरान आंजनेय सिंह और आजम खान के बीच टकराव ने उन्हें यूपी की राजनीति और नौकरशाही में चर्चित चेहरा बना दिया. उनकी पहचान एक सख्त और फैसले लेने वाले प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर बनने लगी.
आजम खान की विधायकी तक गई
आंजनेय सिंह के बारे में 2019 में दी गई हेट स्पीच की वजह से आजम को विधायकी तक गंवानी पड़ी थी. दरअसल, 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान आजम ने कहा था- कलेक्टर-फलक्टर से मत डरियो, ये तनखैय्या हैं..तनखैय्यों से नहीं डरते हैं, अल्लाह ने चाहा तो इनसे जूते साफ कराऊंगा. आजम को यह बयान बहुत महंगा पड़ा. डीएम रहते हुए आंजनेय ने आजम के खिलाफ एक के बाद एक कई कड़ी कार्रवाई की. आजम को 3 साल की सजा हुई.
मुरादाबाद मंडल में करीब साढ़े पांच साल रहे
मार्च 2021 में आंजनेय सिंह को मुरादाबाद मंडल का मंडलायुक्त बनाया गया था. वह करीब पांच साल पांच महीने तक इस पद पर रहे और 14 अगस्त 2026 तक मंडल की जिम्मेदारी संभाली. मुरादाबाद मंडल में भी उनके कार्यकाल के दौरान कई प्रशासनिक और स्थानीय विवादों को लेकर वह चर्चा में रहे. हालांकि, उनके आठवें एक्सटेंशन को किसी एक विवाद से जोड़कर देखना फिलहाल आधिकारिक तौर पर संभव नहीं है.
आखिर आठवें एक्सटेंशन पर क्यों लगा ब्रेक?
इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं. नियमों के मुताबिक, किसी भी IAS के लिए उसके कैडर से बाहर दूसरे राज्य में प्रतिनियुक्ति की अधिकतम सीमा विशेष परिस्थितियों में भी 7 साल से ज्यादा नहीं हो सकती. इसके बावजूद पिछले 11 सालों से आंजनेय सिंह यूपी में थे. सात बार उन्हें एक्सटेंशन मिल चुका था. अगर आठवीं बार एक्सटेंशन मिलता तो ये नियमों के विपरित होता. बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की ओर से नियमों का हवाला दिया गया है.
हालांकि, सूत्रों का कहना है कि आंजनेय सिंह का मामला सिर्फ नियमों का नहीं, बल्कि राजनीतिक है. मुरादाबाद कमिश्नर रहते हुए आंजनेय सिंह के कई विवाद सामने आए. कई मामले खुद सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंचे. सत्ता पक्ष के कुछ स्थानीय नेता भी उनकी कार्यप्रणाली से नाराज बताये जाते हैं. कुछ ने तो दिल्ली तक अपनी शिकायत पहुंचाई थी. इसके बाद से ही उन्हें एक्सटेंशन न मिलने की चर्चा थी.
24 अगस्त के फेरबदल में मिली नई मंडलायुक्त
आंजनेय सिंह की प्रतिनियुक्ति अवधि खत्म होने के बाद मुरादाबाद मंडलायुक्त का अतिरिक्त प्रभार डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया को सौंपा गया था. बाद में 24 अगस्त को हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में अलीगढ़ की मंडलायुक्त रहीं संगीता सिंह को मुरादाबाद का नया मंडलायुक्त बनाया गया.
यूपी में 11 साल के दौरान संभाली कई अहम जिम्मेदारियां
उत्तर प्रदेश में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान आंजनेय सिंह ने बुलंदशहर, फतेहपुर और रामपुर के जिलाधिकारी समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. रामपुर के डीएम के तौर पर उनका कार्यकाल सबसे ज्यादा चर्चित रहा. इसके बाद मुरादाबाद मंडलायुक्त के रूप में भी उन्होंने लंबी पारी खेली.
