5 हिंदूवादी नेताओं की हत्या का टास्क, ग्रेनेड अटैक और 3 लाख इनाम …पाकिस्तानी हैंडलर्स का ये था खतरनाक प्लान

ATS ने 23 अप्रैल को तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली और समीर खान नाम के दो शख्स को पकड़ा था. इन दोनों पर पाक हैंडलर्स के संपर्क में रहने का आरोप था. अब इस मामले में एटीएस ने बड़ा खुलासा किया है.पाक हैंडलर्स ने इन दोनों के माध्यम से पांच हिंदूवादी नेताओं की गला रेतकर हत्या करने और उनके घरों पर ग्रेनेड हमला करने की साजिश रची थी.

एटीएस ( फाइल फोटो) Image Credit:

पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई से जुड़े हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहे थे.आरोपियों ने पांच हिंदूवादी नेताओं की गला रेतकर हत्या करने और उनके घरों पर ग्रेनेड हमला करने की साजिश रची थी. यह खुलासा एटीएस की जांच में हुआ है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्लाह अली खान बागपत निवासी, फिलहाल मेरठ में रहता था और समीर खान दिल्ली के एटा/ओल्ड सीमापुरी इलाके से के रूप में हुई थी. दोनों को 23 अप्रैल 2026 को नोएडा से गिरफ्तार किया गया था.

एटीएस की पूछताछ में सामने आया कि पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी और आईएसआई के संपर्क में रहने वाले मेजर हमीद, मेजर इकबाल, मेजर अनवर, मोहम्मद हमाद बरकाती व आबिद जट जैसे हैंडलर्स ने इन दोनों को भारत में बड़े हमलों का टास्क सौंपा था. शहजाद भट्टी ने आबिद जट के माध्यम से तुषार और समीर को पांच हिंदूवादी नेता,दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, पिंकी चौधरी, युद्धि राणा और गौरव राजपूत की हत्या का टारगेट दिया गया था.साजिश के मुताबिक, इन नेताओं की गला रेतकर हत्या करनी थी और उनके घरों पर ग्रेनेड फेंककर दहशत फैलानी थी.

पाकिस्तानी हैंडलर्स ने हत्याओं के लिए तीन लाख रुपये का इनाम रखा था.50 हजार रुपये एडवांस और ढाई लाख रुपये काम पूरा होने के बाद मिलना था. इसके अलावा, दोनों को पासपोर्ट बनवाकर दुबई भेजने और वहां बसाने का आश्वासन भी दिया गया था, ताकि भारतीय जांच एजेंसियां उन तक न पहुंच सकें. जांच में पता चला कि तुषार और समीर ने एक्स-मुस्लिम इस्लाम छोड़ चुके व्यक्तियों इमरोज आलम, अंजली आर्या, समीर और सलीम वास्तिक को व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिए कॉन्फ्रेंस कॉल पर धमकी दी थी.इन कॉल्स में शहजाद भट्टी भी शामिल था.संबंधित कॉल रिकॉर्डिंग्स भी एटीएस को मिली हैं.

एनआईए की विशेष अदालत में एटीएस ने आरोपियों की रिमांड मांगी. गुरुवार को न्यायाधीश नीतू पाठक ने दोनों आरोपियों को 6 दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर कर दी. एक मई 11 बजे से 6 मई शाम 6 बजे तक एटीएस इन्हें हिरासत में लेकर गहन पूछताछ करेगी. इससे साजिश की पूरी श्रृंखला, अन्य सहयोगियों और हथियारों के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है. यह साजिश सोशल मीडिया खासकर इंस्टाग्राम और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए युवाओं को रैडिकलाइज करने का था.पाकिस्तानी हैंडलर्स भारतीय युवाओं को पैसे, हथियार और विदेश भागने का लालच देकर आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं.

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