राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 15 जुलाई तक बढ़ी SIT जांच, अब जमीन खरीद की भी होगी पड़ताल

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है. जांच की समयसीमा 15 जुलाई तक बढ़ा दी गई है. अब जांच केवल कथित चढ़ावा चोरी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन, कर्मचारियों की नियुक्तियों, जमीन खरीद, चढ़ावे की गणना व्यवस्था और गिरफ्तार आरोपियों की आर्थिक स्थिति की भी पड़ताल होगी.

राम मंदिर चंदा चोरी की SIT कर रही है जांच Image Credit: AI Generated

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) की जांच का दायरा अब और व्यापक कर दिया गया है. एसआईटी की जांच की समयसीमा बढ़ाकर 15 जुलाई कर दी गई है. अब जांच केवल चढ़ावे की कथित चोरी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ट्रस्ट से जुड़े कई अहम पहलुओं की भी गहन पड़ताल की जाएगी. माना जा रहा है कि यह जांच अब ट्रस्ट की प्रशासनिक और वित्तीय कार्यप्रणाली तक पहुंच सकती है.

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन, कर्मचारियों की नियुक्तियों, जमीन खरीद से जुड़े मामलों, चढ़ावे की गणना प्रक्रिया, गिरफ्तार आरोपियों की आर्थिक स्थिति और आय के स्रोत सहित कई संवेदनशील बिंदुओं की जांच करेगी. प्रारंभिक जांच के बाद एसआईटी को कई महत्वपूर्ण जानकारियां और दस्तावेज मिले हैं. इन्हीं तथ्यों को देखते हुए जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है.

चढ़ावा चोरी से आगे बढ़ेगी जांच

अब एसआईटी 15 जुलाई तक अपनी विस्तृत जांच जारी रखेगी और उसके बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी. सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी किसी भी पहलू को अधूरा नहीं छोड़ना चाहती, इसलिए हर बिंदु पर साक्ष्य जुटाने और दस्तावेजों के सत्यापन का काम तेजी से किया जा रहा है. अब तक जांच का केंद्र बिंदु मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और उससे जुड़े गिरफ्तार आरोपी थे, लेकिन अब एसआईटी का दायरा काफी विस्तृत हो गया है.

ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी हो सकती है पूछताछ

सूत्रों के मुताबिक, जांच में राम मंदिर चढ़ावे की गणना प्रक्रिया, चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया, ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन और आय-व्यय का रिकॉर्ड, जमीन खरीद से जुड़े मामलों की पड़ताल, गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका, आरोपियों की संपत्ति और आय के स्रोत के साथ ही चढ़ावे की गणना में लगे कर्मचारियों का सत्यापन होगा. जांच के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ प्रमुख पदाधिकारियों और ट्रस्टियों से भी पूछताछ कर सकती है.

जमीन खरीद मामलों की भी होगी जांच

सूत्रों का कहना है कि एसआईटी अब मंदिर से जुड़े जमीन खरीद मामलों के दस्तावेजों की भी जांच करेगी. पिछले कुछ सालों में राम मंदिर परिसर और उससे जुड़े विकास कार्यों के लिए कई जमीन खरीद की गई थी. जांच एजेंसी यह भी देखेगी कि इन प्रक्रियाओं में सभी नियमों का पालन हुआ या नहीं तथा कहीं किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या प्रक्रियागत कमी तो नहीं रही. विपक्ष की ओर से कई बार जमीन खरीद में घोटाले का अंदेशा जताया जा चुका है.

कर्मचारियों की नियुक्तियों की होगी समीक्षा

एसआईटी ट्रस्ट और चढ़ावा गणना प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया की भी जांच करेगी. सूत्रों के अनुसार, यह देखा जाएगा कि कर्मचारियों का चयन किस प्रक्रिया से हुआ, किसकी संस्तुति पर नियुक्तियां हुईं, नियुक्त कर्मचारियों का सत्यापन कैसे किया गया, ड्यूटी आवंटन की प्रक्रिया क्या थी. अगर किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो उसे भी जांच रिपोर्ट का हिस्सा बनाया जाएगा.

गिरफ्तार आरोपियों की आर्थिक जांच

मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की आर्थिक स्थिति भी जांच के दायरे में होगी. एसआईटी यह पता लगाएगी कि आरोपियों की आय के स्रोत क्या हैं, उनके बैंक खातों में लेनदेन का स्वरूप क्या रहा, क्या उनकी संपत्ति उनकी घोषित आय के अनुरूप है, चोरी की कथित रकम का उपयोग कहां किया गया. जरूरत पड़ने पर बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है. फिलहाल सारे रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं.

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