सपा नेता आज़म खान को बड़ा झटका, जौहर ट्रस्ट का 12AB रजिस्ट्रेशन रद्द, क्या है इसके मायने
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का 12AB रजिस्ट्रेशन आयकर विभाग ने रद्द कर दिया है. विभाग का कहना है कि जांच में ट्रस्ट की गतिविधियां घोषित जनहितकारी उद्देश्यों के अनुरूप नहीं पाई गईं, जिसके चलते कर छूट की पात्रता समाप्त कर दी गई.
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान को बड़ा झटका लगा है. इनकम टैक्स विभाग ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट का 12AB रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है. विभाग ने जारी आदेश में ट्रस्ट की गतिविधियों को गैर-जनहितकारी और अनियमित बताते हुए यह कार्रवाई की है. आयकर विभाग के अनुसार, जांच के दौरान ट्रस्ट की गतिविधियां आयकर अधिनियम के तहत निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप नहीं पाई गईं.
आदेश में कहा गया है कि ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे कार्य जनहित के बजाय अन्य उद्देश्यों की पूर्ति करते नजर आए, जिसके चलते उसे दी गई कर छूट की पात्रता समाप्त कर दी गई. गौरतलब है कि पिछले दिनों ही आयकर विभाग ने जौहर ट्रस्ट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. विभाग ने ट्रस्ट की गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण तलब किया था. जवाब की समीक्षा के बाद विभाग ने 12AB पंजीकरण रद्द करने का फैसला लिया.
क्या होता है 12AB रजिस्ट्रेशन?
आयकर अधिनियम की धारा 12AB के तहत पंजीकृत ट्रस्टों और धर्मार्थ संस्थाओं को आयकर में छूट का लाभ मिलता है. यह छूट तभी तक लागू रहती है, जब तक संस्था की गतिविधियां घोषित सामाजिक, शैक्षणिक या जनहित के उद्देश्यों के अनुरूप पाई जाती हैं.
रजिस्ट्रेशन रद्द होने का क्या होगा असर?
12AB रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को मिलने वाली कर छूट समाप्त हो जाएगी. इसके साथ ही विभाग अब ट्रस्ट से बकाया टैक्स, ब्याज और पेनल्टी की वसूली की कार्रवाई भी करेगा. माना जा रहा है कि इस फैसले का असर ट्रस्ट के वित्तीय संचालन पर पड़ सकता है. वहीं, यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि आज़म खान पहले से कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं.
हालांकि, ट्रस्ट के पास आयकर विभाग के इस आदेश को संबंधित अपीलीय प्राधिकरण या न्यायालय में चुनौती देने का विकल्प मौजूद है. फिलहाल, आयकर विभाग की इस कार्रवाई को आज़म खान के लिए एक बड़े कानूनी और वित्तीय झटके के तौर पर देखा जा रहा है.
