सिगरेट नहीं देने पर कुचल दिया सिर… लखनऊ में BJP नेता शिवम सिंह की पीट-पीट कर हत्या
लखनऊ में बीजेपी युवा मोर्चा नेता शिवम सिंह की निर्मम हत्या ने सनसनी फैला दी है. सिगरेट न देने पर बाइक सवारों ने उनकी पिटाई की, फिर बाद में ईंट-पत्थरों से सिर कुचल दिया. दोस्तों द्वारा अकेला छोड़े जाने और परिजनों के साजिश के आरोप से मामले ने नया मोड़ ले लिया है. पुलिस जांच जारी है.
उतेतर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहां अयोध्या के भाजपा युवा मोर्चा जिला कमेटी सदस्य शिवम सिंह (28) की बेरहमी से हत्या कर दी गई. सिगरेट देने से इनकार करने पर नाराज तीन बाइक सवार युवकों ने पहले मारपीट की, फिर लौटकर ईंट-पत्थरों से हमला कर उनका सिर कुचल दिया.
घटना विभूति खंड थाना क्षेत्र के जलवा क्लब के बाहर और उसके आसपास हुई. शिवम सिंह अयोध्या के रामनगर धौरहरा गांव के रहने वाले थे. राहगीरों ने पुलिस को सड़क पर घायल अवस्था में पड़े शिवम सिंह की सूचना दी थी. शिवम को केएनएस हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था, जहां 26 मई की रात करीब 12 बजे उन्होंने अपना दम तोड़ दिया.
एक बार सिगरेट दे दी, दूसरी बार मना करने पर हमला
पुलिस के अनुसार, शिवम सिंह 25 मई को अपने दोस्त नीलेश मौर्य और जीशान के साथ पार्टी करने लखनऊ पहुंचे थे. देर रात तक वे विभूति खंड स्थित जलवा क्लब में रहे. 26 मई की सुबह करीब 3 बजे जब वे क्लब से बाहर निकले तो बाइक पर सवार तीन अज्ञात युवकों ने शिवम से सिगरेट मांगी. शिवम ने एक बार सिगरेट दे दी, लेकिन दूसरी बार देने से मना कर दिया.
इससे नाराज होकर तीनों युवकों ने उनकी पिटाई की और भाग गए. शिवम ने अपने परिचित आशीष को फोन कर घटना बताई, जिसने विवाद शांत कर घर लौटने की सलाह दी. इसके बाद शिवम अपने दोस्तों के साथ कार से रवाना हुए. लेकिन रास्ते में कठौता झील रोड पर एलपीएस स्कूल के पास वही तीनों बाइक सवार दोबारा लौट आए और हमला शुरू कर दिया.
शिवम के साथ आए दोस्त उन्हें छोड़कर हो गए फरार
आरोपियों ने कार पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे कार रोकनी पड़ी. शिवम कार से बाहर निकले तो हमलावरों ने उनके सिर पर ईंट और पत्थरों से जमकर हमला बोल दिया. सिर फटने से खून से लथपथ शिवम सड़क पर गिर गए. घटना के बाद शिवम के साथ आए दोस्त नीलेश, जीशान और अन्य लोग उन्हें सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए.
करीब 4 बजे सुबह एक राहगीर ने खून से लथपथ युवक को देखा और पुलिस को सूचना दी. शिवम के छोटे भाई सौरभ सिंह ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि तीन यूनिट ब्लड की जरूरत है. हमने ब्लड का इंतजाम किया, लेकिन दोस्तों ने कोई मदद नहीं की. लगता है कि यह पूरी साजिश है और इसमें उनके दोस्त और ड्राइवर भी शामिल हैं.
मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
भतीजे आयुष सिंह ने कहा कि आशीष को फोन पर शिवम ने बताया था कि कुछ लोग गाड़ी पर पत्थर फेंक रहे हैं. जब वे पहुंचे तो कोई नहीं मिला. बाद में नीलेश मौर्य 27 मई को थाने पहुंचा और पुलिस को बयान दिया. उसने स्वीकार किया कि डर के मारे वे शिवम को छोड़कर भाग गए थे. इसके अलावा मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप भी लगाया है.
विभूति खंड थाने के इंस्पेक्टर अमर सिंह ने बताया कि मामले में भाई सौरभ सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गय़ा है. पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है, क्लब के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और नीलेश मौर्य से पूछताछ जारी है. वहीं, बीजेपी नेता अभिषेक प्रताप सिंह ने कहना कि पुलिस पोस्टमॉर्टम और फॉर्मेलिटी के अलावा कुछ नहीं कर रही है.