खाली हाथ रही बसपा: पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में 1% वोट भी नहीं, आकाश आनंद की रणनीति फेल
बीएसपी को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में 1% वोट भी नहीं मिले. पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद समेत उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने जमकर प्रचार किया, रैलियां कीं, लेकिन नतीजे निराशाजनक रहे. ऐसे में यूपी के अलावा अन्य राज्यों में बीएसपी के विस्तार की कोशिशों को तगड़ा झटका लगा है.
बहुजन समाज पार्टी को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल के विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त मिली है. पार्टी इन तीनों राज्यों में 1 प्रतिशत वोट भी हासिल नहीं कर सकी. संगठन मजबूत करने, दलित-मुस्लिम गठजोड़ बनाने और युवा चेहरा आकाश आनंद को आगे लाने की रणनीति पूरी तरह फेल हो गई.
बंगाल, तमिलनाडु और केरल में 1% वोट भी नहीं
पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद समेत उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने जमकर प्रचार किया, रैलियां कीं, लेकिन नतीजे निराशाजनक रहे. पश्चिम बंगाल में आकाश आनंद की रैली में अच्छी भीड़ जुटने के बावजूद पार्टी का खाता तक नहीं खुल सका. पश्चिम बंगाल में बसपा को 0.18 वोट ,तमिलनाडु में 0.11 वोट और केरल में 0.15 प्रतिशत वोट रहा.
बसपा की रणनीति क्यों हुई फेल
पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाल के वर्षों में तीनों राज्यों में बसपा ने संगठन विस्तार पर जोर दिया था. दलितों के साथ अल्पसंख्यक वोटों को जोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन आंतरिक भितरघात, पदाधिकारियों की लापरवाही और समन्वय की कमी ने सारी तैयारी पर पानी फेर दिया.
मायावती की अनुपस्थिति भी एक वजह
खास बात यह कि इन चुनावों में पार्टी अध्यक्ष मायावती ने खुद प्रचार अभियान से दूरी बनाए रखी. पिछले पश्चिम बंगाल चुनाव में उन्होंने खुद जनसभाएं की थीं और 200 से ज्यादा प्रत्याशी उतारे थे, तब भी पार्टी को कोई खास फायदा नहीं हुआ था. इस बार मायावती की अनुपस्थिति को भी असफलता का एक बड़ा कारण माना जा रहा है.
बिहार में एक सीट पर जीत से पार्टी को बंधी थी उम्मीदें
बिहार में हाल ही में बसपा का एक प्रत्याशी विधायक बनने में सफल रहा था, जिससे पार्टी को कुछ उम्मीद बंधी थी. लेकिन पश्चिम बंगाल में पार्टी को निराशा हाथ लगी. तमिलनाडु और केरल में भी कुछ सीटों पर जीत की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हुई. चुनावी नतीजों ने साफ कर दिया है कि बसपा को खासकर दक्षिण भारत के राज्यों में अपनी जड़ें जमाने के लिए लंबी और कड़ी मशक्कत करनी होगी.
