सीएम योगी का ऐलान- 6 महीने के अंदर एक लाख युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश सरकार अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है. लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मिशन रोजगार कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के 3,446 प्राविधिक सहायकों और 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र दिए गए. सीएम योगी ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी गई है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अगले छह महीने के भीतर एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रही है. उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं और परिणाम की प्रक्रिया चल रही है और जल्द ही युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे. आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा कृषि विभाग में नवचयनित 3446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) और 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया.
इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में 9.30 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं. उन्होंने कहा कि नियुक्तियों में किसी तरह का भेदभाव नहीं हुआ और आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए मेरिट के आधार पर चयन किया गया.
‘एक लाख सरकारी नौकरियां अब कल्पना नहीं’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश में एक लाख सरकारी नौकरियां देना बड़ी कल्पना माना जाता था, लेकिन उनकी सरकार अब छह महीने के भीतर एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने जा रही है. उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए आयोगों और भर्ती बोर्डों को समयबद्ध तरीके से काम करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अधियाचन मिलने के छह महीने के भीतर परिणाम आ जाना चाहिए, एक महीने में विज्ञापन और अगले दो महीने में परीक्षा कराने की दिशा में काम किया जाना चाहिए.
आयोगों की पीठ थपथपाई
सीएम योगी ने UPSSSC समेत भर्ती आयोगों और बोर्डों की कार्यप्रणाली की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने की छूट दी है. अब उनकी जिम्मेदारी है कि समयबद्ध तरीके से परिणाम जारी करें. उन्होंने कहा कि पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया से योग्य अभ्यर्थियों का चयन हो रहा है. योग्य युवाओं की ऊर्जा का लाभ प्रदेश और देश को मिलता है. मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त युवाओं से कहा कि सरकार ने उन्हें पारदर्शी तरीके से नियुक्ति दी है, इसलिए वे भी अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करें.
‘2017 से पहले नौकरी में होती थी वसूली’
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और अनियमितता का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले विज्ञापन जारी होते ही कथित तौर पर ‘चाचा-भतीजे की जोड़ी’ और उनका पूरा तंत्र वसूली में जुट जाता था. सीएम ने कहा कि युवाओं को नौकरी नहीं मिलती थी और कई बार मामला अदालत तक पहुंच जाता था. स्टे के कारण भर्ती प्रक्रिया लंबी खिंचती थी, जिससे अभ्यर्थियों का समय और उम्र दोनों खराब होते थे. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने नकल माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की और उनकी संपत्तियां जब्त कर उनसे वसूली की गई.
‘नौजवानों की दुश्मन थी पिछली सरकार’
मुख्यमंत्री योगी ने समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले यूपी बोर्ड की परीक्षाओं और परिणामों की व्यवस्था बेहद खराब थी. परीक्षा में कई महीने लगते थे और परिणाम आने में भी लंबा समय लगता था. उन्होंने कहा कि परीक्षा और परिणाम में देरी के कारण छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता था. मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार में नकल को बढ़ावा मिलता था, जिसका नुकसान प्रदेश के युवाओं को उठाना पड़ता था.
‘एक महीने में परीक्षा-परिणाम नहीं तो कुर्सी छोड़ो’
सीएम योगी ने अपने शुरुआती कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों से परीक्षा और परिणाम की प्रक्रिया एक महीने में पूरी करने को कहा था. उन्होंने कहा कि जब अधिकारियों ने इसे संभव नहीं बताया तो उन्होंने साफ कहा था कि तुम कुर्सी छोड़ो, मैं एक महीने के अंदर यह कराऊंगा.मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब यूपी बोर्ड के करीब 56 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा 14 दिन में पूरी होती है और अगले 14 दिन में परिणाम जारी किया जाता है.