मंत्री नंदी को झटका! यूपीडा अब सीधे CM योगी के अधीन; विकास को मिलेगी नई गति

यूपीडा को अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अधीन कर दिया गया है. यह प्रशासनिक बदलाव औद्योगिक विकास विभाग से अलग होकर बुनियादी ढांचा एवं औद्योगिक विकास विभाग के तहत हुआ है. इससे परियोजनाओं की मंजूरी और क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी कम होगी.

सीएम योगी (फाइल फोटो) Image Credit:

उत्तर प्रदेश सरकार ने एक्सप्रेसवे और बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को अब औद्योगिक विकास विभाग से अलग कर बुनियादी ढांचा एवं औद्योगिक विकास विभाग के अंतर्गत लाया गया है. अब यूपीडा सीधे मुख्यमंत्री योगी के अधीन काम करेगा.

सरकारी आदेश के मुताबिक, अब यूपीडा से जुड़ी बजट स्वीकृति, परियोजना मंजूरी और अन्य महत्वपूर्ण फाइलें सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएंगी. पहले ये फाइलें औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ के माध्यम से गुजरती थीं. हाल में उनकी अधिकारियों के साथ तनातनी की खबर थी, यूपीडा से हटना उनके लिए बड़ा झटका है.

27 दिसंबर 2007 को हुआ था यूपीडा का गठन

सरकार का मानना है कि इस बदलाव से बुनियादी ढांचा विकास और औद्योगिक विकास विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा. परियोजनाओं की निगरानी, क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय मजबूत होगा, जिससे अनावश्यक देरी कम होगी और फैसले पहले की तुलना में ज्यादा तेजी से लिए जा सकेंगे. नई व्यवस्था से परियोजनाओं को गति मिलेगी.

यूपीडा का गठन 27 दिसंबर 2007 को एक्सप्रेसवे विकसित करने और औद्योगिक गलियारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था. शुरुआती वर्षों में इसकी भूमिका औद्योगिक गलियारों पर केंद्रित रही, लेकिन बाद में यह मुख्य रूप से एक्सप्रेसवे और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के निर्माण पर केंद्रित हो गया. इसका मूल उद्देश्य आधारभूत ढांचे का विकास करना है.

वर्तमान में यूपीडा कई एक्सप्रेसवे पर कर रहा काम

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, एक्सप्रेसवे, सड़कें और अन्य बड़ी परियोजनाएं पूर्ण होने के बाद ही औद्योगिक निवेश और विकास को बढ़ावा मिलता है. इसलिए इसे बुनियादी ढांचा विकास विभाग के अधीन लाने का फैसला लिया गया है. वर्तमान में यूपीडा पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक, लखनऊ-आगरा सहित कई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर काम कर रहा है.

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