बेडरूम-ड्राइंग रूम में छुपाईं गाय-भैंस, नगर निगम की कार्रवाई से बचने के लिए पशुपालक का अजब-गजब तरीका
लखनऊ के रॉयल सिटी कॉलोनी से अवैध डेयरी संचालन की शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने गई नगर निगम की टीम हैरान रह गई. कार्रवाई से बचने के लिए पशुपालक ने अपने गाय और भैंसों को घर के अंदर बेडरूम और ड्राइंग रूम में बंद कर दिया. फिर बाहर से ताला भी लगा दिया.
राजधानी लखनऊ में नगर निगम की कार्रवाई से बचने के लिए पशुपालक के तरीके ने अधिकारियों को हैरान कर दिया है. राजधानी के बिजनौर रोड स्थित रॉयल सिटी कॉलोनी में अवैध डेयरी संचालन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक पशुपालक ने गाय-भैंस को घर के अंदर और घाट के बेडरूम और ड्राइंग रूम में बंद कर छिपा दिया. नगर निगम ने करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद ताला खुलवाकर किसी तरह 19 पशुओं को बाहर निकाला.
नगर निगम की टीम जैसे ही रॉयल सिटी कॉलोनी, गडौरा पहुंची तो डेयरी संचालकों में अफरा-तफरी मच गई. कार्रवाई से बचने के लिए पशुपालक ने अपने गाय और भैंसों को घर के अंदर कमरों में बंद कर दिया. फिर ताला भी लगा दिया. पशु कल्याण अधिकारी डॉक्टर अभिनव वर्मा ने बताया कि यह पहला मामला है जब किसी ने गाय-भैंस को छुपाने के लिए अपने बेडरूम और ड्राइंग रूम का इस्तेमाल किया है.
इतने पशुओं को कमरे के अंदर से किया गया बरामद
नगर निगम, पशु कल्याण विभाग और पुलिस बल की संयुक्त टीम ने करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद ताला खुलवाया. अंदर चारों तरफ गोबर फैला हुआ था और बदबू आ रही थी. इस कार्रवाई में कुल 11 भैंस , 4 भैंस के बच्चे, 3 गाय और 1 बछिया को बरामद किया गया. सभी पशुओं को ऐशबाग स्थित कांजी हाउस ले जाया गया. नगर निगम के मुताबिक निर्धारित जुर्माना जमा करने के बाद ही पशुपालकों को छोड़ा जाएगा.
अवैध डेयरी संचालन की आ रही थी शिकायतें
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय लोग अवैध डेयरी संचालन की लगातार शिकायतें कर रहे थे. नागरिकों का कहना था कि डेरी संचालक गोबर को खुले प्लॉटों में फेंक रहे हैं. साथ ही नालियों में भी बहा रहे हैं. इससे गंदगी, जलभराव और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ रहा था. ऐसे में नगर निगम जोन-8 के बिजनौर थाना क्षेत्र में यह विशेष अभियान चलाया.
क्या सीमा में पशुपालन को लेकर क्या कहता है नियम?
पशु कल्याण अधिकारी डॉक्टर अभिनव वर्मा के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान भारी विरोध भी हुआ. बाद में पशु गाड़ी के सामने बैठकर रास्ता जाम करने की कोशिश की गई, जिसे भारी पुलिस बल की मदद से हटाया गया. नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम अधिनियम 1959 के तहत शहरी सीमा में भैंस पालन पूरी तरह प्रतिबंधित है. अधिकतम दो गायों को ही वैध लाइसेंस के तहत पालने की अनुमति है.
