प्रीपेड मीटर पर रोक, लेकिन बढ़े हुए बिल का क्या होगा? अखिलेश ने किया आंदोलन का ऐलान

अखिलेश यादव ने प्रीपेड मीटर पर रोक को जनशक्ति की जीत बताया, लेकिन बढ़े बिजली बिलों को लेकर सरकार पर हमला किया. उन्होंने इसे भ्रष्टाचार का नया तरीका बताते हुए उपभोक्ताओं से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस करने की मांग की. अखिलेश ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उचित कदम नहीं उठाए तो सपा व्यापक आंदोलन करेगी, इसे सड़क से सदन तक लड़ेगी.

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव Image Credit:

उत्तर प्रदेश में प्रीपेड की जगह पोस्टपेड मीटर लगाने के फैसले को सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने जनशक्ति की जीत बताया है. उन्होंने कहा कि बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर सरकार पर हमला किया. उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि बढ़े हुए बिलों की वापसी की जाए, अन्यथा व्यापक आंदोलन होगा. उन्होंने इस मुद्दे को जनता बनाम सरकार की लड़ाई बताई. कहा कि व्यापक विरोध और जनदबाव के चलते सरकार को पीछे हटना पड़ा है.

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रीपेड मीटर व्यवस्था के नाम पर आम लोगों से बिजली बिल के नाम पर उगाही की गई है. यह केवल तकनीकी सुधार का मामला नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का एक नया तरीका था. इसके जरिए प्रदेश की जनता पर आर्थिक बोझ डाला गया. उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं से ज्यादा राशि वसूली गई है, उसका तार्किक समायोजन आगामी बिलों में किया जाना चाहिए.

सरकार पर कसा तंज

उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी तकनीक का इस्तेमाल वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए किया जा सकता है, तो फिर बिजली बिलों में पारदर्शी समायोजन में क्यों नहीं किया जा सकता. उनके इस बयान को चुनावी रणनीति और तकनीक के इस्तेमाल पर सीधा सवाल माना जा रहा है. सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार पर अत्याचार और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जागरूक जनता अब इसे और बर्दाश्त नहीं करेगी.

बड़े आंदोलन का ऐलान

अखिलेश यादव ने कहा कि बिजली बिल के नाम पर जो पैसा वसूला गया है, वह जनता की गाढ़ी कमाई है. इसे तत्काल वापस करना होगा. यदि सरकार ने इस मुद्दे पर संतोषजनक कदम नहीं उठाए, तो समाजवादी पार्टी आम जनता मिलकर एक नया और व्यापक आंदोलन शुरू करेगी. कहा कि इस मुद्दे पर सपा सड़क से लेकर सदन तक इस लड़ाई को जारी रखेगी. वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र श्रीवास्तव कहते कि प्रीपेड बिजली मीटर का मुद्दा आगामी चुनावों में एक बड़ा जनसरोकार बन सकता है. इससे पहले भी बिजली दरों, स्मार्ट मीटर और बिलिंग सिस्टम को लेकर प्रदेश के कई हिस्सों में विरोध देखने को मिला है.

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