लखनऊ यूनिवर्सिटी में 5-डे वर्किंग लागू, अब इतने बजे तक खुले रहेंगे विभाग
प्रधानमंत्री के ऊर्जा संरक्षण संबंधी संदेश को ध्यान में रखते हुए लखनऊ यूनिवर्सिटी ने 5-डे वर्किंग सिस्टम लागू कर दिया है .विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नई कार्य व्यवस्था का परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. सभी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी.
ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) में कार्य व्यवस्था में बदलाव किया गया है. अब विश्वविद्यालय के सभी कार्यालय और शैक्षणिक विभाग सोमवार से शुक्रवार तक पांच दिन काम करेंगे. सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक विभाग संचालित होंगे. कुलसचिव कार्यालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी.
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
प्रधानमंत्री के ऊर्जा संरक्षण संबंधी संदेश को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है.आदेश में दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 2 बजे तक 30 मिनट का भोजनावकाश भी निर्धारित किया गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि शासन स्तर से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद इस आदेश को तुरंत लागू कर दिया गया.
परीक्षाओं पर नहीं पड़ेगा आदेश का प्रभाव
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नई कार्य व्यवस्था का परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. सभी परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही आयोजित की जाएंगी.यह आदेश कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा के हस्ताक्षर से जारी किया गया है.
सीएम योगी ने मंत्रियों से की ये अपील
ऊर्जा संरक्षण को लेकर योगी सरकार ने अहम फैसले किए हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्यों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील करते हुए शासन में मितव्ययिता, ऊर्जा संरक्षण और जनप्रेरक आचरण की नई कार्यसंस्कृति विकसित करने का संदेश दिया है.
विदेश यात्राओं से भी बचने की अपील की
सीएम योगी ने मंत्रियों से अपनी वाहन फ्लीट को 50 प्रतिशत तक कम करने की भी अपील की. साथ ही मुख्यमंत्री ने अगले छह माह तक प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर विदेश यात्राओं से परहेज करने के निर्देश दिए हैं.
सप्ताह में एक दिन करें सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल
सीएम योगी ने मंत्रियों से सप्ताह के अंदर निर्धारित एक निर्धारित दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग अथवा साइकिल जैसी सुविधाओं का उपयोग करने की भी अपील की है. साथ ही उन्होंने शासन एवं प्रशासनिक कार्यों में डिजिटल और वर्चुअल माध्यमों के अधिकतम उपयोग पर बल देते हुए निर्देश दिया है. अंतरजनपदीय बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा विधानसभा एवं विधान परिषद की स्टैंडिंग कमेटियों की बैठकें यथासंभव हाइब्रिड मोड में आयोजित करने की सलाह दी है.
