बसपा के पूर्व विधायक हाजी इकबाल भगोड़ा घोषित, 4 साल से हैं फरार, अब विदेशों की संपत्ति भी होगी जब्त

बसपा के पूर्व MLC हाजी इकबाल को लखनऊ की पीएमएलए विशेष अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया है. उनपर ये कार्रवाई अवैध खनन से अर्जित काली कमाई को सफेद करने के आरोपों के तहत हुई है. पिछले 4 साल से वह फरार है. ईडी उनकी देश में मौजूद 5 हजार करोड़ की संपत्तियां जब्त कर चुकी है. अब इस आदेश के बाद उसके पास हाजी इकबाल की विदेशी संपत्तियां को भी जब्त करने का अधिकार मिल गया है.

बसपा के पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल ( फाइल फोटो)

पूर्व बसपा एमएलसी और सहारनपुर के कथित खनन माफिया मोहम्मद हाजी इकबाल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया गया है. इसको लेकर लखनऊ की पीएमएलए विशेष अदालत के विशेष न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने आदेश जारी किया है. इस फैसले के साथ अब प्रवर्तन निदेशालय ईडी हाजी इकबाल की विदेशों में छिपी संपत्तियों को भी जब्त करने का अधिकार प्राप्त कर चुका है.

अब तक इतनी संपत्तियां जब्त की जा चुकी है

ईडी ने पहले ही उनकी 5,000 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली संपत्तियां जब्त कर ली हैं. अदालत ने बीते साल ईडी द्वारा इकबाल से जुड़ी तीन चीनी मिलों को जब्त किए जाने के आदेश को भी सही ठहराया और उन पर उठाई गई आपत्तियों को खारिज कर दिया. ईडी अब हाजी इकबाल की दुबई और अन्य विदेशी संपत्तियों की तलाश में जुटी हुई है. अदालत के आदेश के बाद ईडी के पास इन सपंत्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार होगा.

हाजी इकबाल पर हैं ये गंभीर आरोप

ईडी के अनुसार हाजी इकबाल पर आरोप है कि उन्होंने सहारनपुर और आसपास के इलाकों में अवैध खनन से अर्जित काली कमाई को सफेद करने के लिए कई शेल कंपनियां बनाईं. बसपा सरकार के दौरान इन कंपनियों के जरिए उन्होंने सात सरकारी चीनी मिलें खरीद ली थीं. बताया जाता है कि बसपा शासनकाल में कुल 21 सरकारी चीनी मिलों को निजी हाथों में बेचा गया था, जिनमें से सात मिलें हाजी इकबाल से जुड़ी कंपनियों को गई थीं.

हाजी इकबाल दुबई फरार बताए जा रहे हैं

हाजी इकबाल कई वर्षों से दुबई में फरार बताए जा रहे हैं. इसके बावजूद उनकी भारत में मौजूद तमाम संपत्तियां ईडी ने जब्त कर ली हैं. इनमें सहारनपुर की प्रसिद्ध ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी शामिल है. स्थानीय पुलिस ने उन्हें क्षेत्र का सबसे बड़ा खनन माफिया बताते हुए पहले ही उनकी कई संपत्तियों पर कब्जा कर लिया था. कई जांच एजेंसियां उनके खिलाफ लगातार छानबीन कर रही हैं.

अब विदेशी संपत्तियों पर भी हो सकेगी कार्रवाई

ईडी के अधिकारियों ने अदालत से अनुरोध किया था कि इकबाल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जाए, ताकि उनकी विदेशी संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा सके. अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया. विशेष न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने आदेश में कहा कि इकबाल अब आर्थिक अपराधी के रूप में भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद ईडी को उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए व्यापक अधिकार मिल गए हैं.

अब तक हो चुकी है ईडी की तरफ से ये कार्रवाई

भाजपा सरकार आने के बाद राज्य चीनी निगम ने मिलों से जुड़े सभी विवादास्पद सौदों की जांच कराई थी, जिसके बाद ईडी ने पूरे मामले को पीएमएलए के तहत अपने हाथ में लिया था. ईडी ने अबतक हाजी इकबाल की तीन चीनी मिलों को जब्त किया है. साथ ही ग्लोकल यूनिवर्सिटी सहारनपुर और अन्य अचल संपत्तियां , जिनका कुल मूल्य 5,000 करोड़ रुपये से अधिक है उसे भी जब्त कर चुकी है.

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