45 मिनट का सफर अब 15 मिनट में… लखनऊ को ग्रीन कॉरिडोर का तोहफा, CM योगी बोले- मुस्कुराइए आप…
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का लोकार्पण और शिलान्यास किया. ₹1519 करोड़ की लागत से 28 किमी लंबा यह कॉरिडोर यातायात सुगम करेगा, 45 मिनट का सफर अब 10-15 मिनट में तय होगा. LDA ने इसे बिना सरकारी बजट के, भूमि मुक्त कराकर पूरा किया.
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण का लोकार्पण किया. दूसरे चरण में लगभग 7 किलोमीटर लंबे इस पुल के खुलते ही हजरतगंज, डालीगंज और निशातगंज जैसे घनी आबादी वाले और व्यस्ततम क्षेत्रों में लगने वाले भीषण जाम से बड़ी राहत मिलेगी. पूरी परियोजना 28 किलोमीटर लंबी है.
इससे पहले 1 मार्च, 2024 को ₹100 करोड़ की लागत से प्रथम चरण का लोकार्पण हुआ था. केंद्रीय रक्षा मंत्री और सीएम योगी ने दूसरे चरण के लोकार्पण के साथ समता मूलक चौराहा से शहीद पथ और शहीद पथ से किसान पथ तक के तीसरे-चौथे चरण का भी शिलान्यास किया. 28 किमी लंबे ग्रीन कॉरिडोर को कुल 1519 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है.
अलग से बजट नहीं, LDA ने ऐसे परियोजना को पूरा किया
मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर कहा कि लखनऊ अब वाकई ‘मुस्कुराइए कि आप लखनऊ में हैं’ का प्रतीक बन चुका है. आज लखनऊ वास्तव में नए भारत के आधुनिक शहर की पहचान के रूप में तेजी से उभर रहा है. यह पहल राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम, व्यवस्थित एवं आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने अलग से बजट नहीं दिया. लखनऊ विकास प्राधिकरण ने शहर में सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा किया. शहरी विकास के क्षेत्र में यह मॉडल एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि किस प्रकार संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करके बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए जा सकते हैं.
रक्षामंत्री ने ही शहीद पथ की सौगात दी थी- CM योगी
सीएम योगी ने कहा कि ग्रीन कॉरिडोर के बनने से राजधानी में यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा. पहले लोगों को सफर करने में 45 मिनट से एक घंटा लग जाता था, अब वही दूरी सिर्फ 10 से 15 मिनट में तय हो सकेगी. इससे समय की बचत होगी और शहर में जाम की समस्या भी कम होगी. बुनियादी ढांचे के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों का भी विकास किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि आज देश और दुनिया से आने वाले लोग लखनऊ की स्वच्छता, बेहतर सड़कों और आधुनिक व्यवस्थाओं की सराहना करते हैं. वे लखनऊ से प्रभावित होते हैं. अटल सरकार के समय राजनाथ सिंह ही थे, जिन्होंने लखनऊ को शहीद पथ की सौगात दी थी. बाद में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लखनऊ को नई पहचान दी.
लखनऊ को SCR के रूप में विकसित किया जा रहा- CM
मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ केवल इंफ्रास्ट्रक्चर में ही नहीं, बल्कि इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना स्थापित हुई है, जहां प्रदेश के युवा इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ कार्य कर रहे हैं. पढ़े युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं.
उन्होंने कहा कि लखनऊ को स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में विकसित किया जा रहा है. इससे राजधानी और आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास तेजी से होगा. इस कार्यक्रम का आयोजन झूलेलाल वाटिका में हो रहा है. कभी इस स्थान पर अवैध कब्जा हो गया था, जिसे हटाकर इसे फिर से सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित किया गया.